सोशल मीडिया को हथियार बनाया जा रहा है।
पंजाब में नशे को लेकर सियासत एक बार फिर गरम है। इस बीच बाकी दल सत्ता पक्ष को घेरने में जुटे हैं। दलों की ओर से एक-दूसरे पर निशाना साधाने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाया जा रहा है। यही वजह है कि सूबे के सियासी हलकों में एक तरह से ‘सोशल मीडिया वार’ छिड़ गया है। दलों ने सोशल मीडिया के जरिये प्रतिद्वंद्वी को जवाब देने के लिए बाकायदा टीमें लगा रखीं हैं। यह टीमें इन दिनों पूरी तरह सक्रिय हैं।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने तो अकाली-भाजपा सरकार व बादल परिवार के खिलाफ मानो जंग छेड़ रखी है। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल भी इस मामले में किसी से पीछे नही हैं। दो दिन पहले भट्ठल ने फेसबुक पर एक राष्ट्रीय अखबार में लगी प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल की फोटो के साथ मैसेज पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि इन अखबारों ने पंजाब में नशाखोरी की रिपोर्ट प्रभावशाली ढंग से छापी है।
उधर, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की तस्वीर के साथ संदेश पोस्ट किया है।
इस संदेश में पंजाबी में लिखा, ‘मैं तां तुहाडे वाल हथ वधा दित्ता, तुसी वी साथ देओगे मेरा? जे गंदे सिस्टम दे खिलाफ हुण इक न होए तां फिर इह मौका कदे नहीं आउण वाला।’ (मैंने तो आपकी ओर हाथ बढ़ा दिया है, क्या आप भी मेरा साथ दोगे? गंदे सिस्टम के खिलाफ यदि अब एकजुट न हुए तो यह मौका फिर कभी नहीं आने वाला)। ऐसे में अकाली दल कहां पीछे रहता। अकाली दल ने हालांकि अपने फेसबुक पेजों पर सिर्फ सरकार की उपलब्धियों और काम को दर्शाया है।
अकाली दल की खास बात यह है कि उन्होेंने उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, सुखदेव सिंह ढींडसा व पार्टी का पेज बनाने के अलावा पार्टी की प्रत्येक जिला इकाई का भी पेज बनाया है। इन पेजों में संबंधित जिले की सरकारी गतिविधियों को प्रमुखता से पोस्ट किया जा रहा है।