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दूसरी पत्नी की शादी अवैध नहीं तो पेंशन की हकदार: हाईकोर्ट

Tue, 25 Apr 2017 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : Demo Pic
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दूसरी पत्नी की शादी को किसी अदालत की ओर से अवैध घोषित न करने के चलते उसे पेंशन के लिए योग्य बताया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी पत्र के अनुसार दो पत्नियां होने की स्थिति में पेंशन को बराबर बांटने का प्रावधान है। एक पत्नी की मौत की स्थिति में दूसरी पत्नी पूरी पेंशन की हकदार होगी। इसी स्थिति को मानकर हाईकोर्ट ने पहली पत्नी की मृत्यु की तिथि से दूसरी पत्नी को पूरी पेंशन का हकदार माना है।
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तरनतारन की महिला हरिंदरपाल कौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके पति मोहिंदर सिंह पन्नू स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उसे उसकी विधवा के तौर पर पेंशन जारी की जानी चाहिए। इसी दौरान यह सामने आया की स्वतंत्रता सेनानी ने उससे पहले एक अन्य महिला प्रितपाल कौर से विवाह किया था।

लिहाजा हाईकोर्ट ने अक्तूबर 2010 में पेंशन पर रोक लगाते हुए तरनतारन के डीसी को निर्देश दिए कि वे इस मामले में जांच कर सभी तथ्यों के आधार पर इस केस का निपटारा करें। डीसी ने प्रितपाल कौर को ही मोहिंदर सिंह पन्नू की पत्नी मानते हुए पेंशन जारी करने के निर्देश दे दिए।
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स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन के लिए याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट ने बताया योग्य

Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
इसके बाद दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया गया कि केंद्र सरकार ने 23 फरवरी 2012 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए थे कि अगर किसी स्वतंत्रता सेनानी के दो विवाह हुए हैं तो उसकी मृत्यु के बाद दोनों पत्नियों को आधी-आधी पेंशन जारी की जाएगी और अगर बाद में दोनों विधवाओं में से किसी एक विधवा की मृत्यु हो जाती है तो दूसरी विधवा पूरी पेंशन की अधिकारी होगी।

हाईकोर्ट को हरिंदरपाल कौर की ओर बताया गया कि डीसी ने प्रितपाल कौर के पक्ष में पेंशन जारी करते समय केंद्र सरकार के इस पत्र का हवाला ही नहीं दिया था। अब प्रितपाल कौर की भी मृत्यु हो गई है, लिहाजा उसे पेंशन जारी की जाए। कोर्ट ने कहा कि किसी भी अदालत ने याची के विवाह को अवैध घोषित नहीं किया है। ऐेसे में वह सेनानी की विधवा के तौर पर कानूनी रूप से पेंशन की हकदार है।

हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए हरिंदरपाल कौर को वर्ष 2012 जब से पन्नू की पहली पत्नी प्रितपाल कौर की मृत्यु हुई है, तब से पूरी पेंशन जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वर्ष 2010 जब से हरिंदरपाल कौर की पेंशन पर रोक लगाई गई थी तब से लेकर वर्ष 2012 तक जब प्रितपाल कौर की मृत्यु हुई थी के दौरान की उसकी जो आधी पेंशन बनती है वह भी जारी किए जाने के आदेश दे दिए गए हैं। 
 
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