पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि हमें अपने लिए नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए सुखना को बचाना होगा। यूटी प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि अस्थायी की जगह ऐसे कौन से जरिये हो सकते हैं, जिनसे सुखना के दुख का सदा के लिए अंत हो जाए।
अगली सुनवाई पर प्रशासन को इस पर जवाब दाखिल करना होगा। यूटी प्रशासन ने हलफनामा सौंप कर हाईकोर्ट को बताया कि 23 दिन 7 ट्यूबवेल से पानी सुखना में लाया गया। अब जलस्तर 4.8 इंच बढ़ा है। हाईकोर्ट ने हलफनामे को रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई 8 मार्च तक टाल दी।
हाईकोर्ट में शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन के पब्लिक हेल्थ विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजिंदर सिंह आहलुवालिया के हलफनामे के माध्यम से कोर्ट को बताया गया कि 16 जनवरी को सुखना में ट्यूबवेल का पानी छोड़ना शुरू किया। अब तक 23 दिन लेक को भरा गया है। 16 फरवरी तक लेक के जलस्तर में 4.8 इंच की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 16 जनवरी को सुखना का जलस्तर 1154 फुट था, जो 16 फरवरी को 1154.4 फुट दर्ज किया गया है।