पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत अब तक रेहड़ी-फड़ी वालों को जारी लाइसेंस का ब्योरा तलब कर लिया है। हाईकोर्ट में प्रशासन को यह बताना होगा कि यह लाइसेंस किस आधार पर और कितनी संख्या में जारी किए गए हैं। इसके साथ ही लाइसेंस जारी करने वालों के लिए निर्धारित स्थान की जानकारी भी हाईकोर्ट में सौंपनी होगी।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान जब हाईकोर्ट ने स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी करने के प्रोसेस के बारे में प्रशासन से जानकारी मांगी तो प्रशासन की ओर से बताया गया कि एक्ट के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी करने का काम शुरू किया जा चुका है और वार्ड नंबर-1 में अधिकतर लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस जानकारी पर असंतोष जताते हुए अगली सुनवाई पर लाइसेंसों का ब्योरा तलब कर लिया है।
नियमों का पालन किया जाए
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि लाइसेंस जारी करते हुए कुछ आवश्यक बातों को ध्यान मे रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो प्रावधान किए जा रहे हैं उनका पालन हो। कोर्ट ने कहा कि देखने में आया है कि मनमाने तरीके से रेहड़ी फडी लगाने का स्थान तय किया जा रहा है और एक ही स्थान पर ऐसे फडी वालों की भीड़ लग जाती है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि रेहड़ी या फड़ी लगाने की जहां अनुमति दी गई है उसे उसी स्थान पर लगाया जाए। प्रशासन और निगम यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक सेक्टर में एक जगह तय की जाए जहां उनको अनुमति दी जाए।