पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को एक चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल की ओर से जवाब दाखिल करने में की गई देरी पर सख्त रवैया दिखाते हुए उन पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। मामले में पहले हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ दायर चुनावी याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और इन आदेशों पर पुनर्विचार के लिए मलोट के नवजोत सिंह ने रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने 8 मई 2015 को हरसिमरत कौर बादल के निर्वाचन के खिलाफ दायर याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि याचिका तय समय सीमा के एक दिन बाद दायर की है। याचिकाकर्ता नवजोत सिंह ने पुनर्विचार याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के एक केस का हवाला देते हुए कहा है कि उसने यह चुनावी याचिका तय समय में ही दायर की है। सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के अनुसार चुनाव के नतीजे के दिन को चुनावी याचिका दायर किए जाने की अवधि में नहीं माना जाएगा। पुनर्विचार याचिका पर हाई कोर्ट ने गत वर्ष 20 जनवरी को हरसिमरत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
जवाब नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने बीते वर्ष 9 नवंबर से दो सप्ताह के भीतर हर हाल में नोटिस का जवाब दायर करने का अंतिम अवसर दिया था। दो सप्ताह का समय गुजर जाने के बाद नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। हाई कोर्ट ने इस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए यह राशि हाई कोर्ट इंप्लायज वेलफेयर एसोसिएशन के खाते में जमा कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही सुनवाई 22 फरवरी को निर्धारित की है। मलोट निवासी नवजोत सिंह ने दायर याचिका में हरसिमरत कौर बादल पर वर्ष 2014 में लोकसभा चुनावों में धर्म के नाम पर वोट मांगने और चुनावी खर्च का सही ब्यौरा न दिए जाने का आरोप लगाते हुए उसकी संसद सदस्यता रद किए जाने की मांग की थी। जिसे हाईकोर्ट ने गत वर्ष 8 मई को खारिज कर दिया था। बाद में जस्टिस महेश ग्रोवर ने पुनर्विचार याचिका पर हरसिमरत बादल को नोटिस जारी कर जवाब माँगा था।