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Haryana News: पति को छोड़ किया दूसरा विवाह, हाईकोर्ट ने कहा- पत्नी स्थायी गुजारा भत्ते की हकदार नहीं

Thu, 04 Jan 2024 12:51 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी ने ही पति को छोड़ा था और दूसरा विवाह भी किया। ऐसे में वह गुजारा भत्ता की पात्र नहीं है। इसी के साथ कोर्ट ने पत्नी की याचिका भी खारिज कर दी।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक के आदेश को चुनौती देने वाली पत्नी की याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि पति को छोड़कर दूसरा विवाह करने वाली पत्नी स्थायी गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है। रेखा व सतीष का विवाह 2003 में अंबाला में हुआ था और आरोप के अनुसार रेखा 31 मई 2004 को घर छोड़ कर चली गई थी। इसके बाद सतीष को पता चला कि रेखा ने दूसरा विवाह कर लिया है। इसके बाद रेखा ने 2005 में हलफनामा दिया जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने दूसरा विवाह कर लिया है, वह अपने सभी गहने व अन्य सामान प्राप्त कर चुकी है। इसके बाद सतीष ने तलाक से जुड़ा केस कुरुक्षेत्र की अदालत में दाखिल किया। इस केस में कुरुक्षेत्र की अदालत से नोटिस जारी होने के बाद रेखा हाजिर हुई और दूसरा विवाह नकार दिया। इसके साथ ही आरोप लगाया कि जबरन उससे यह समझौता लिखवाया गया था। 

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अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सतीष के हक में फैसला सुनाते हुए तलाक को मंजूरी दे दी थी। इसी फैसले को पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामा जबरन लिया गया था यह दलील याची ने 2007 में तलाक का केस दाखिल होने की बाद दी थी जबकि 2005 से लेकर तलाक का केस दाखिल होने तक उसने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी। हाईकोर्ट ने तलाक के फैसले को सही करार देते हुए याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि तलाक के चलते स्थायी गुजारा भत्ता याची के पक्ष में जारी नहीं किया जा सकता क्योंकि पत्नी ने ही पति को छोड़ा था और दूसरा विवाह किया था। ऐसे में वह गुजारा भत्ता की पात्र नहीं है।

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