पंचकूला में हाउसिंग बोर्ड पर डटे सरपंच।
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चंडीगढ़-पंचकूला मार्ग हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की ओर से बाधित करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा सरकार को रात दस बजे तक की मोहलत दी है। कोर्ट ने दो टूक कहा है कि सरकार कानून के अनुरूप कोई भी कदम उठाए, लेकिन रात दस बजे तक इस मार्ग को खाली करवाया जाए। ऐसा करने में विफल रहने पर पंचकूला पुलिस कमिश्नर व डीवी को खुद कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा।
पंचकूला निवासी डाक्टर नीतू बजाज व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए बंद रास्ते के कारण लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया था। याचिका में बताया कि यह रास्ता चंडीगढ़-पंचकूला की लाइफ लाइन है। हजारों लोगों को पंचकूला से चंडीगढ़ व चंडीगढ़ से पंचकूला आना-जाना पड़ता है। यह रास्ता ब्लॉक होने से न केवल लोगों के सामान्य जीवन पर फर्क पड़ा है, बल्कि इमरजेंसी में लोगों का पीजीआई जैसे संस्थानों में जाना भी मुश्किल हो गया है।
पंचकूला से रोज स्कूल बसें, कर्मचारी व अन्य लोग अपने कार्य के लिए चंडीगढ़ जाने को इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इस मार्ग के बाधित होने से पंचकूला व चंडीगढ़ दोनों स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई है। बहस के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों को 9 मार्च को मिलने का समय दिया है और पुलिस ने आंदोलनकारियों को रास्ता खोलने का नोटिस दिया। उन्होंने एक तरफ का रास्ता खोलने पर सहमति दी है।
कोर्ट ने कहा कि यह गंभीर विषय है और सरकार को चाहिए कि इस समस्या का हल निकाले। शनिवार को केवल एक मार्ग को खोलने की अनुमति दी गई और बाद में वार्ता विफल हुई तो हालात पहले जैसे होंगे। कोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को रात दस बजे तक की मोहलत देते हुए इस मार्ग को खाली करवाने और ऐसा करने में विफल रहने पर पंचकूला के पुलिस कमिश्नर व डीसी को हाजिर रहने का आदेश दिया है।
सरकार पर उठाए सवाल
हाईकोर्ट में शनिवार को तीन बजे सुनवाई आरंभ हुई तो कोर्ट ने सरकार को भी सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कैसे यह लोग इतनी संख्या में हाउसिंग बोर्ड के पास एकत्रित हो गए और ऐसा करने के लिए उनको किसने अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि यदि पहले से मुस्तैदी से काम किया जाता है तो इस प्रकार की स्थिति ही नहीं बनती। ऐसे में अब शनिवार रात दस बजे तक ब्लॉक रोड को खाली करवाया जाए।
सरकार पर दबाव बनाने के लिए लोगों को परेशानी में डालने की नहीं दे सकते अनुमति
हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को अपनी मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए आम लोगों को परेशानी में डालकर सरकार पर मांगों को मानने के लिए दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।