खुद को बालिग बताने के लिए लड़की के आधार कार्ड में जन्मतिथि से छेड़छाड़ करना प्रेमी जोड़े को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने दोनों की सुरक्षा से जुड़ी याचिका खारिज करने के साथ ही जोड़े पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
फरीदाबाद के प्रेमी जोड़े ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर विवाह किया था। इस विवाह से उनके घर वाले खिलाफ हो गए हैं और उनकी जान को खतरा है।
याची ने कहा कि वह दोनों बालिग हैं और ऐसे में विवाह करने और साथ रहने का उन्हें अधिकार है। याची द्वारा लड़की को बालिग साबित करने वाले दस्तावेज के तौर पर उसके आधार कार्ड की प्रति संलग्न की गई थी। हाईकोर्ट को इस पर शक हुआ तो उन्होंने असल आधार कार्ड देखा।
हाईकोर्ट ने पाया कि जो असल कार्ड है उस पर जन्म का केवल वर्ष लिखा था जबकि फोटोकॉपी पर 23 जनवरी 2003 जन्मतिथि लिखी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की को बालिग साबित करने और जन्मतिथि छुपाने के लिए यह हेराफेरी की गई है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याची प्रेमी जोड़े पर 25 हजार जुर्माना लगाते हुए सुरक्षा से जुड़ी याचिका खारिज कर दी।