पूर्व कैबिनेट मंत्री व भाजपा की वरिष्ठ नेता प्रो. लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि पंजाब सरकार के और कई नगर निगमों के बहुत से कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें लंबे समय से वेतन नहीं मिला।
महंगाई की मार और त्यौहारों के मौसम में इन कर्मचारियों के परिवारों का जीवन बहुत कठिन कर दिया है। लंबे समय से हुआ सारा महंगाई भत्ता भी नियमित कर्मचारियों के वेतन के साथ नहीं जोड़ गया। पंजाब सरकार उनकी ओर भी ध्यान करे जिनकी जेब में मोटे नोट नहीं, बल्कि हर महीने वेतन की ही जिन्हें प्रतीक्षा रहती है।
चावला ने कहा कि मुख्यमंत्री से इन कर्मचारियों के हित में यह अपील है कि वे ठेके पर काम कर रहे उन सभी कर्मचारियों को स्थायी घोषित करें जिन्हें तीन साल से ज्यादा ठेके पर काम करते हो चुके हैं।
जिन कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं दिया गया उनका पूरा वेतन भी दीवाली से पहले दिया जाए और सरकार को यह भी याद रखना चाहिए कि जिन बेचारों को होमगार्ड या एसपीओ कहकर वर्षों से आधे पेट कठिन ड्यूटी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है उन होमगार्ड कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ाया जाए। सरकार और सरकारी अधिकारी यह स्वयं तय करें कि जितना थे। वेतन होमगार्ड कर्मचारियों को दिया जाता है, क्या यह सरकार के लिए उचित है अथवा केवल बेरोजगारों का शोषण है?