पूर्व सैनिक हरी सिंह और कैप्टन गुरचरण सिंह
पुलवामा और इससे पहले पाकिस्तान की तरफ से बार-बार देश के सैनिकों को कायरतापूर्ण ढंग से निशाना बनाए जाने का यह मुंहतोड़ जवाब है। सरकार ने हमले का फैसला लेकर देश की सेना का मनोबल बढ़ाया है। इस काम के लिए भारतीय सेना बधाई की पात्र है। मेरी नजर में सीधा युद्ध होना ठीक नहीं है, क्योंकि दोनों देश एटमी पॉवर से लैस हैं। डरपोक पाकिस्तान एटमी पावर का इस्तेमाल कर सकता है। इसलिए इस तरह की सर्जिकल स्ट्राइक करना पाकिस्तान के लिए काफी है। -कैप्टन गुरचरण सिंह, गांव एतिआणा (लुधियाना)
पाक को हर बार मुंह की खानी पड़ी है
मैं 1965 और 1971 की जंग को देख चुका हूं, हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। मंगलवार को वायुसेना ने पाक आंतकी कैंपों पर हमला कर यह साबित कर दिया है कि भारत कुछ भी कर सकता है। इसलिए पाकिस्तान को समझ जाना चाहिए कि वह आतंकवाद को बढ़ावा देना छोड़ अपने विकास के लिए सोचें। दो देशों में सीधे जंग हर किसी के लिए खतरनाक होती है। मेरा मानना है कि सीधे जंग नहीं होनी चाहिए। पाक को इस तरह से सबक सिखाते जरूर रहना चाहिए। -हरी सिंह पूर्व सैनिक, हलवारा (लुधियाना)