चंडीगढ़ की एडवोकेट शैली शर्मा के घर एनआईए के छापे और फोन जब्त करने के खिलाफ वकीलों की सोमवार से शुरू हुई हड़ताल से मुवक्किलों को हो रही परेशानी का मामला जनहित याचिका के तौर पर हाईकोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान एनआईए ने जवाब के लिए मोहलत मांगी और कहा कि फोन और लैपटॉप उनके पास नहीं हैं। अब ये केस प्रॉपर्टी हैं। अगर वापस चाहिए तो वकील अदालत में इसके लिए अर्जी दाखिल कर सकती हैं। हाईकोर्ट ने अब सुनवाई सात नवंबर तक स्थगित कर दी है।
पंचकूला के एडवोकेट अरविंद सेठ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वकीलों की हड़ताल से मुवक्किलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एनआईए द्वारा मनमाने और गैर-कानूनी तरीके से एडवोकेट शैली शर्मा के घर छापे मारकर उनका मोबाइल फोन जब्त करने को लेकर हड़ताल शुरू हुई है। पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 18 अक्तूबर को हड़ताल का एलान किया था और एनआईए के निदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की मांग की थी।
इसके बाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव ने एनआईए के अधिकारियों के आश्वासन पर हड़ताल वापस ले ली थी। इसके बाद भी वकील के फोन वापस नहीं देने पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 31 अक्तूबर को फिर हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि वह इस मामले के सभी पक्षों को इस विवाद का हल निकालने का आदेश दे। गुरुवार को मामले में एनआईए ने याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय मांगा। हाईकोर्ट ने सुनवाई सात नवंबर तक टाल दी है।