बता दें कोविड के समय में करीब डेढ़ साल पीयू बिना सिंडिकेट की कार्यकारिणी के चला, लेकिन नए साल में पीयू बिना सिंडिकेट के कैसे कार्य करेगा, इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। बता दें कोर्ट द्वारा केवल सिंडिकेट के चुनाव को रोका गया है लेकिन पीयू ने स्वयं से डीन और सचिव के चुनाव को भी स्थगित कर दिया है। विद्यार्थियों, शिक्षकों से जुड़े सभी मामलों को डीन की ओर से देखा जाता है। सिंडिकेट से एजेंडा पास होकर सीनेट में जाता है। चुनाव में देरी होने से कई काम रूक जाएंगे। डीन का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो जाएगा। तब तक अगर डीन के चुनाव नहीं होते हैं तो शिक्षक भर्ती से लेकर विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र से लेकर जुड़े अन्य मुद्दों की कार्यवाही नहीं हो पाएगी।