चंडीगढ़। पीयू के हाथ एक और रिसर्च प्रोजेक्ट लगा है। यह प्रोजेक्ट 81.25 लाख रुपये का है जो यूआईईटी की टीम को मिला है। इस टीम को यह काम दो साल में पूरा कर देना होगा।
आग की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। इससे तेजी से नुकसान भी हो रहा है। इसी नुकसान को कम करने के लिए रिसर्च किया जाएगा और एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि लोगों को कम से कम नुकसान हो। साथ ही किसानों की पराली आदि को लेकर भी कुछ मॉडल बनाने की तैयारी है। यह अपनेआप में मल्टी मॉडल कहलाएगा। इस पर विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार कर शिक्षकों ने भेजा, जिसको मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी ने मंजूरी दी है।
इस कार्य को प्रो. हरीश कुमार, प्रो. साक्षी कौशल, प्रो. सरबजीत सिंह, डॉ. आकाशदीप, डॉ. वेनू मंगत, डॉ. मुुकेश कुमार व डॉ. प्रीति करेंगी। वर्ष 2020 से लेकर 2022 तक यह प्रोजेक्ट चलेगा। हरियाणा व पंजाब क्षेत्र को इस रिसर्च के दायरे में रखा जाएगा। पीयू के अधिकारियों ने इस पर हर्ष जताया है। मालूम हो कि पीयू को लगातार रिसर्च प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। उसी कड़ी में एक और बड़ा रिसर्च प्रोजेक्ट मिला है। पीयू के रिसर्च को दुनियाभर में जाना जाता है। बड़े-बड़े पिब्लिशन में आर्टिकल प्रकाशित होते हैं। साथ ही उनका इंपैक्ट फेक्टर भी काफी अधिक होता है। साइंस फैकल्टी में सर्वाधिक रिसर्च के कार्य अब भी चल रहे हैं।