चंडीगढ़। पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब यूनिवर्सिटी में विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फार्मेसी भर्ती परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग उठाई। उनका आरोप है कि परीक्षा के दौरान गंभीर गड़बड़ियां हुईं और प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र से बाहर भेजकर हल करवाया गया। संगठनों का कहना है कि यह साफ तौर पर पेपर लीक का मामला है और इससे ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है।
संगठनों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (पीएसएसएसबी) के लिए स्वतंत्र परीक्षा एजेंसी बनाने, हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करने और पंजाबी विषय के अंकों को अंतिम मेरिट में शामिल करने की मांग भी की। उनका कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और भरोसेमंद बनेगी। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 10 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो पूरे पंजाब में राज्य स्तर का बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।