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पीयू के नए डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा और डीन रिसर्च बनीं प्रो. राजेश गिल

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के नए डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा और डीन रिसर्च प्रो. राजेश गिल को बनाया गया है। दोनों अधिकारी एक फरवरी से कार्यभार संभालेंगे। इनका कार्यकाल एक साल के लिए होगा। पीयू प्रशासन की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान डीयूआई प्रो. आरके सिगला का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो रहा है। अमर उजाला ने पहले ही बता दिया था कि यह दोनों अधिकारी एक फरवरी से कार्यभार ग्रहण करेंगे।
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25 साल से पीयू में पढ़ा रहे प्रो. सिन्हा
पीयू के फार्मास्युटिकल विभाग के सीनियर प्रोफेसर वीआर सिन्हा वर्तमान में डीन रिसर्च हैं, जो वरिष्ठता में सबसे आगे हैं। ऐसे में पीयू ने पुराने नियमों का पालन करते हुए वरिष्ठता क्रम को बरकरार रखा और वीआर सिन्हा को डीयूआई बनाने का निर्णय लिया। प्रो. सिन्हा 25 साल से अधिक समय से शिक्षण क्षेत्र में हैं। उन्होंने एक से बढ़कर एक रिसर्च किए और 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए। उनके अंडर में 18 से अधिक विद्यार्थियों ने पीएचडी की है। प्रो. सिन्हा का कहना है कि पीयू की बेहतरी के लिए काम किए जाएंगे।
33 साल से पढ़ा रहीं प्रो. गिल पुटा की भी अध्यक्ष रहीं
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डीन रिसर्च बनीं प्रो. राजेश गिल भी एक फरवरी से कार्यभार ग्रहण करेंगी। वह वरिष्ठता क्रम में प्रो. सिन्हा के बाद दूसरे नंबर पर हैं। प्रो. गिल 33 साल से पढ़ा रही हैं। 95 से अधिक उनके रिसर्च पेपर हैं। 14 से अधिक पीएचडी विद्यार्थियों को गाइड किया। उनकी छह किताबें प्रकाशित हुई हैं। इसके अलावा वह पुटा की अध्यक्ष रही हैं। सिंडिकेट व सीनेट में भी लंबे समय तक सदस्य रहीं। उनका कार्यकाल एक साल तक है, लेकिन इस बीच उनकी आयु 60 साल पूरी हो जाएगी तो फिर उनकी जगह दूसरे डीन रिसर्च को चार्ज देना होगा।
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इनसेट
शानदार रहा प्रो. सिंगला का कार्यकाल
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डीयूआई प्रो. आरके सिंगला का कार्यकाल शानदार रहा, लेकिन कोरोना ने बाधा जरूर डाली। उनके कार्यकाल में पहली बार ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की गईं और उनका संचालन बेहतर ढंग से हुआ। उसी के तहत अब पीयू दोबारा ऑनलाइन परीक्षा कराने का निर्णय ले चुकी है। शिक्षकों की पदोन्नति से लेकर कई अन्य कार्य उनके कार्यकाल में हुए हैं। विभागों की प्रशासनिक समस्याओं का उन्होंने समय से निपटारा किया और शिकायतें उनके पास कभी पेंडिंग नहीं रहीं। उच्चाधिकारियों से बेहतर तालमेल करते हुए कार्य किया। 31 मार्च को उनके 60 साल पूर्ण हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें यह कार्यभार अब दूसरे शिक्षक को देना होगा।
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