चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के टेक्निकल कॉलेजों के प्राचार्यों और कर्मचारियों के सीनेट चुनाव 3 मई को पंजाब के विभिन्न जिलों में आयोजित होने थे। इसे लेकर पीयू ने पंजाब के जिलों के डीसी से अनुमति मांगी थी।
इसके जवाब में शुक्रवार को पंजाब के मुख्य सचिव ने पीयू रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर चुनाव स्थगित करने की सलाह दी है।उन्होंने लिखा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अभी चुनाव कराना लोगों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है, इसलिए कुछ समय के लिए इन्हें स्थगित करना बेहतर होगा। इस पर पीयू ने चुनाव स्थगित कर दिया।
पीयू ने पंजाब के सात जिलों फाजिल्का, फिरोजपुर, होशियारपुर, लुधियाना, मुक्तसर, मोगा और नवांशहर में 3 मई को होने वाले सीनेट चुनाव के लिए मतदान बूथ बनाने थे। इसे लेकर पीयू ने संबंधित जिलों के डीसी से चुनाव स्थान पर 10 से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने की अनुमति मांगी थी। रिटर्निंग अफसर ने लिखा था कि 3 मई को चुनाव आयोजित किए जाने हैं। कोरोना की मौजूदा स्थिति में पंजाब सरकार ने 10 से ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई हुई है। इसके साथ ही साप्ताहिक लॉकडाउन भी है। टेक्निकल कॉलेजों के प्राचार्यों के सीनेट चुनाव में 5 उम्मीदवार हैं और इसके लिए 7 जिलों में 28 मतदान बूथ बनाए गए थे। इसमें 52 मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेना था। वहीं इसी दिन होने वाले दूसरे चुनाव टेक्निकल कॉलेजों के कर्मचारियों में भी 5 उम्मीदवार हैं। इसके लिए भी 28 मतदान बूथ बनाए गए थे, जिसमें 783 उम्मीदवारों ने मतदान करना था।
स्नातक वर्ग के चुनाव भी स्थगित होने की संभावना
पंजाब विश्वविद्यालय ने कोरोना केस देखते हुए पहले सीनेट के फैकल्टी चुनाव स्थगित किए थे, अब स्नातक वर्ग के चुनाव भी तय समय पर होते नहीं लग रहे हैं, क्योंकि स्नातक वर्ग के चुनाव करवाने के लिए पीयू 6 राज्यों में मतदान बूथ बनाता है। इसमें 5 राज्यों ने चुनाव की अनुमति दे दी थी, केवल हरियाणा से अनुमति मिलना बाकी थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 5 में से एक राज्य हिमाचल प्रदेश ने भी अनुमति वापस ले ली थी। अब पंजाब भी अपने यहां चुनाव आयोजित करवाने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में 15 मई को होने वाले स्नातक चुनाव भी टलने के आसार हैं।
स्नातक चुनाव के लिए 6 राज्यों की अनुमति जरूरी
पंजाब विश्वविद्यालय पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा राज्य की अनुमति के बिना स्नातक वर्ग के चुनाव नहीं करवा पाएगा, क्योंकि अकेले इसी वर्ग के चुनाव में 3.16 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसके लिए इन सभी राज्यों में मतदान बूथ बनाए जाने हैं। पीयू ने अप्रैल की शुरुआत में सभी छह राज्यों को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश संलग्न कर सीनेट चुनाव करवाने के लिए अनुमति पत्र भेजा था। जिसमें हरियाणा को छोड़कर सभी राज्यों ने चुनाव करवाने के लिए अनुमति दे भी दी थी, लेकिन अभी बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य पीछे हट रहे हैं।