चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा में धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। पीयू और पीजीआई की संयुक्त टीम के सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर से 10 अक्तूबर 2026 तक दोनों राज्यों में 395 घटनाएं दर्ज हुईं। पंजाब में 237 घटनाएं पिछले वर्ष की तुलना में 16.74 प्रतिशत अधिक हैं, जबकि हरियाणा में 158 घटनाएं 14.59 प्रतिशत कम हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पराली और दिवाली के पटाखों से निकलने वाला धुआं चंडीगढ़ की हवा प्रदूषित कर सकता है। इससे सांस संबंधी परेशानी बढ़ने का खतरा है। ब्यूरो