चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में कुलपति कार्यालय के बाहर विद्यार्थियों के धरने-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने उनकी मांगें मान लीं और उन्हें मास्टर इन फार्मेसी दाखिले के लिए योग्य करार दिया।
पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज से बैचलर करने वाले विद्यार्थियों को मास्टर्स कोर्स में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से 29 जुलाई को जारी कटऑफ सूची के तहत अयोग्य करार कर दिया था। छात्रों ने इस निर्णय का विरोध किया और कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से दाखिले के लिए खुद के मानदंडों को अपनाया जा सकता है। पीयू के प्रोस्पेक्टस में इस चीज का जिक्र नहीं था कि दाखिले के लिए वही योग्य होंगे, जो कटऑफ क्वालीफाई करेंगे।
विद्यार्थियों के शुक्रवार को प्रदर्शन करने पर बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की बैठक बुलाई गई, जिस पर कानूनी सलाह भी ली गई। बैठक में निर्णय विद्यार्थियों के हित में लिया और प्रोस्पेक्टस के अनुसार दाखिला प्रक्रिया जारी रखने के लिए कहा गया। इसके तहत अब विद्यार्थियों को काउंसलिंग में भाग लेने का मौका मिलेगा और दाखिला मेरिट के आधार पर होगा। धरने पर बैठी छात्रा पायल ने प्रशासन के निर्णय पर संतुष्टि जताई और कहा कि अब उनका साल बर्बाद नहीं होगा। मेरिट के आधार पर उन्हें कोर्स में दाखिला मिल जाएगा।