गैसपुरा की रहने वाली सोनी ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। जबकि माता रजिंदर कौर गृहिणी है। मुश्किल से घर का गुजारा चलता है। लेकिन फिर भी पिता किसी न किसी तरह से हमें पढ़ा रहे है। सोनी को पेंटिंग का शौक है। आठवीं कक्षा तक स्कूल स्तर पर मुकाबलों में भाग लिया है।
सोनी के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि उसकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। बेटियां इसी स्कूल में पढ़ती है। बड़ी बेटी गुरप्रीत कौर बारहवीं में है, रानी कौर आठवीं में है। बाकी दो बेटे स्वर्ण और जोरा प्राइवेट स्कूल में छोटी कक्षा में है।
दसवीं की मैरिट में नवांशहर जिले में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारी। नवांशहर के राहों रोड स्थित डॉ. आसानंद आर्य माडल सीसे स्कूल में पढ़ने वाली जीया नंदा ने 650 में से 644 अंक लेकर प्रदेश में तीसरा और जिले में पहला स्थान हासिल किया। जिले में कुल 9 बच्चों ने मैरिट में स्थान बनाया है।
जीया नंदा रोजाना स्कूल के अलावा घर पर 6 घंटे पढ़ाई करती थी और लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसने मोबाइल और टीवी से दूरी बनाए रखी। जीया आगे चल कर मेडिकल लाइन में भविष्य बनाना चाहती है। कचहरी परिसर में टाइपिस्ट का काम करने वाले पंकज नंदा और मां अनामिका नंदा ने जीया की उपलब्धि को स्कूल स्टाफ की मेहनत का नतीजा बताया।