-सरकार से मुफ्त बस सफर के बनते 1200 करोड़ का भुगतान और कर्मचारियों को रेगुलर करने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मी आज प्रदेश के सभी डिपुओं पर गेट रैलियां करेंगे। यह फैसला रविवार को यूनियन की प्रदेशस्तरीय बैठक में लिया गया। यूनियन ने अपने विरोध के जरिए सरकार पर दबाव बनाने का संकेत दिया है।
यूनियन के पैट्रन कमल कुमार और चेयरमैन बलविंदर सिंह राठ ने बताया कि सरकार ट्रांसपोर्ट विभाग का निजीकरण कर कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाना चाहती है। किलोमीटर स्कीम के तहत नई बसें डालने के लिए बार-बार टेंडर लगाया जा रहा है, जिसका यूनियन लगातार विरोध कर रही है। इसके चलते कई साथियों को गैर-कानूनी आरोपों में जेल में डाल दिया गया है। इस समय 58 दिन से उनके साथी जेल में बंद हैं।
यूनियन की मुख्य मांग है कि सरकार पनबस और पीआरटीसी के मुफ्त बस सफर के बनते 1200 करोड़ का भुगतान करे, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को सड़कों पर संघर्ष करने की नौबत न आए। साथ ही यूनियन ने नए बस बेड़े के विस्तार के लिए बैंकों से लोन लेकर बसें शामिल करने और प्राइवेट ऑपरेटरों को आगे न आने देने की भी मांग की है।
आगे की रणनीति
यूनियन ने चेताया है कि यदि सरकार ने 28 जनवरी तक मांगों का हल नहीं निकाला तो संगरूर में पक्का धरना दिया जाएगा। 9 फरवरी को गेट रैलियां, 11 फरवरी को डिपुओं में बसें बंद, और 12 फरवरी को पूर्ण हड़ताल के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने का ऐलान किया गया है। यूनियन ने कहा कि इस आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार और मैनेजमेंट की होगी।