मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नशे के खात्मे के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के सांझे प्रयासों की वकालत की है। मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाना समय की मांग है। लोगों के सहयोग और केंद्र-राज्य सरकार की संयुक्त कोशिशों से राज्य से नशों का मुकम्मल खात्मा किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटारी, हुसैनीवाला और सादकी बार्डर पर शिअद का प्रदर्शन किसी केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ नहीं बल्कि लोगों को नशों के खिलाफ जागरूक करने और नशों की सप्लाई लाइन को तोड़ने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि सूबा सरकार प्रदेश की हद में आने वाले नशे को तो काबू कर सकती है, मगर इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए नशे की सप्लाई लाइन को तोड़ना पड़ेगा। इसलिए केंद्र को सीमा पर चौकसी बढ़नी चाहिए।
पंजाब नशों को काबू करने में देश का अग्रणी प्रदेश है, मगर इसका स्थायी खात्मा तब तक संभव नहीं है जब तक देश के बाहर व अंदर से सप्लाई लाइन को नहीं काटा जाता।
बार्डर पर अकालियों का धरना जारी
बार्डर से नशा तस्करी के खिलाफ अटारी बॉडर पर अकालियों का धरना जारी है। धरने में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल खुद शामिल हुए हैं। अटारी के धरने का नेतृत्व बिक्रम सिंह मजीठिया, रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, निर्मल सिंह काहलों, सुच्चा सिंह लंगाह कर रहे हैं, जबकि हुसैनीवाला में सुखदेव सिंह ढींढसा, जत्थेदार तोता सिंह, जनमेजा सिंह सेखों धरने पर बैठे हैं।
सदकी में बलविंदर सिंह भूंदड़, सिकंदर सिंह मलूका धरने की अगुवाई कर रहे हैं। धरने के लिए सभी हलकों में नेताओं को ड्यूटियां लगाई गई हैं, जोकि वर्करों को लेकर पहुंचे हैं। अटारी जाने वाले ज्यादातर हलकों से लोग पहले अमृतसर पहुंच कर दरबार साहिब में मत्था टेंकेंगे। उसके बाद अटारी जाएंगे।
सुखबीर ने कहा कि शिअद ने सिर्फ पाकिस्तान के साथ लगती सीमा पर चौकसी बढ़ाने की मांग की है क्योंकि सीमापार से पंजाब में लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है। सेंसर और सीसीटीवी कैमरे लगाकर अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह सील किया जाए।
'नशे के खिलाफ धरने में आधे से ज्यादा नशेड़ी'
अकालियों के धरने पर राय देते हुए हुए विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने कहा है कि नशे के मुद्दे पर विधानसभा में अकाली दल संख्या की लड़ाई में भले ही जीत गए, लेकिन नैतिकता के आधार पर उनकी हार हुई है। इसके बाद से ही अकाली दल बौखलाहट में हैं। यही कारण है कि पिता-पुत्र एक-दूसरे के खिलाफ परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं।
जाखड़ ने कहा कि अकालियों द्वारा नशे के खिलाफ पंजाब में तीन स्थानों पर दिए जाने वाले धरने में एक चौथाई लोग नशे की हालत में होंगे। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल चेकिंग पोस्ट लगाएं, सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में भुक्की व शराब का पहला बूटा मुक्तसर के लंबी में लगाया गया। नशे के मुद्दे पर अकाली दल नहीं पंजाब सरकार धरना दे रही है।
धरने के लिए सरकारी मशीनरी जुटी हुई है। फंडिंग से लेकर मानीटरिंग का काम सरकारी एजेंसी कर रही है। नशा रोकने को कदम उठाने के बजाय सुखबीर बादल धरना देकर पंजाब को कश्मीर बनाना चाहते हैं। कांग्रेस बीएसएफ के साथ है। विपक्ष के नेता ने कहा कि बादल को धरने की राजनीति छोड़ समस्या के हल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलना चाहिए।