बता दें कि हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विवि को कैंपस की रणनीतिक जगहों पर सेल्फी पाॅइंट लगाने के लिए कहा है, जो देश की उपलब्धि के बारे में बताए। यूजीसी के पत्र के साथ सेल्फी पॉइंट की सभी 3डी मॉडल में प्रधानमंत्री का बड़ा कटआउट है। नई शिक्षा नीति और देश की उपलब्धियों से अधिक विद्यार्थियों ने इसे 2024 चुनाव के लिए राजनीतिक दल की राजनीति बताया।
पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष जतिंदर सिंह ने भी मोदी सेल्फी पॉइंट का विरोध किया और कैंपस में राजनीतिक हस्तक्षेप को घातक बताया। जतिंदर ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर यूजीसी के इस निर्देश पर उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की पीआर टीम का हिस्सा बताया। वहीं, पीयू प्रबंधन का इसपर कहना है कि वह सरकारी योजनाओं का पालन करते हैं। यूजीसी के जारी किए पत्र के अनुसार कैंपस में सेल्फी पॉइंट लगाए जाने हैं।
विश्वविद्यालय में राजनीतिक हस्तक्षेप खतरनाक
विश्वविद्यालय में राजनीतिक हस्तक्षेप खतरनाक है। हम कैंपस में मोदी और भगवा रंग के सेल्फी पॉइंट लगाने के विरोध में हैं। सेल्फी पॉइंट लगाने हैं तो तिरंगे के साथ होने चाहिए न कि किसी व्यक्ति विशेष या एक रंग के।
-जतिंदर सिंह, पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष
सेल्फी पॉइंट की जगह शिक्षा बेहतर करने पर करें काम
कैंपस में सेल्फी पॉइंट लगाना गलत है। शैक्षणिक संस्कृति को बढ़ावा देने के बजाय सेल्फी पॉइंट लगाए जा रहे हैं, जिनका छात्र को कोई लाभ नहीं है। पीयू प्रबंधन कॉन्ट्रेक्ट शिक्षकों और कर्मचारियों को पक्का करे, शिक्षा पर योजनाएं बनाएं, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रचार को बढ़ावा दे।
-संदीप, पीयू विद्यार्थी, एसएफएस
सरकारी योजनाओं को लागू करने के लिए बाध्य
सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए मिले निर्देश का पालन करते हैं। यूजीसी के निदेश पत्र के अनुसार कैंपस में देश की उपलब्धियों पर सेल्फी पॉइंट लगाए जाएंगे। अभी सेल्फी पॉइंट लगाने को लेकर जगह निर्धारित नहीं की गई है।
-डॉ. याजवेंदर पाल वर्मा, रजिस्ट्रार