डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत सिंह राम रहीम की फिल्म ‘दी मैसेंजर ऑफ गॉड’ को लेकर सिख संगठनों ने अपना रुख साफ कर दिया है।
सिख धर्म प्रचारकों व विभिन्न जत्थेबंदियों के प्रमुखों का कहना है कि अगर फिल्म पर रोक नहीं लगाई गई तो रिलीज होते ही सिख समुदाय सड़कों पर उतरकर विरोध जताएगा। राज्य सरकारों को जनभावनाओं को ध्यान में रखकर फिल्म की रिलीज पर रोक लगानी चाहिए ताकि प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम रहे।
पुरजोर करेंगे फिल्म का विरोध
सिख धर्म प्रचारक एवं गुरुद्वारा संत बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि डेरा मुखी पर यौन शोषण, हत्या का केस चल रहा है। आर्मी इंटेलीजेंस ने डेरा सच्चा सौदा में हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने की बात कही है। ऐसा विवादीत व्यक्ति हीरो कैसे हो सकता है।
उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा में लोगों को गुमराह किया जाता है। राज्य सरकारों को इस फिल्म पर रोक लगाई जानी चाहिए। श्री अकाल तख्त साहिब ने सरकार से रोक की मांग की है वह जायज है। अगर सरकार ने फिल्म रिलीज पर रोक नहीं लगाई तो सिख समुदाय सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।
लगनी चाहिए फिल्म पर रोक
श्री अकाल तख्त के जत्थेदार एंव तख्त दमदमा सहिब के प्रमुख बलवंत सिंह नंदगढ़ का कहना है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने डेरा मुखी की फिल्म पर रोक लगाने की जो मांग की है वह सोच समझकर की गई है। डेरा मुखी पर संगीन मामले सीबीआई कोर्ट में चल रहे हैं। फिल्म रिलीज होती है तो इससी शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए सरकार फिल्म पर रोक लगाए।