चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) बनाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। इस मुहिम को शुरू करने वाले पेक निदेशक भी 31 मार्च तक ही हैं। ऐसे में अब नए निदेशक के ऊपर निर्भर करेगा कि वह इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे या नहीं। हालांकि यूटी प्रशासन की मंशा होगी, तभी यह कार्य आगे बढ़ सकेगा। जानकारों का कहना है कि पेक यदि एनआईटी बनेगा तो विद्यार्थियों के अलावा चंडीगढ़ को भी लाभ मिलेगा।
पेक के निदेशक प्रो. धीरज सांघी का सपना था कि पेक एनआईटी या कोई सेंट्रल स्टेट्स वाले इंस्टीट्यूट का दर्जा मिले। ऐसा होने से पेक की कमान सीधे केंद्र सरकार के हाथ में आती और पैसे की कमी नहीं होती। हर संसाधनों की पेक पूर्ति कर पाता और विद्यार्थियों के अलावा संस्थान का विकास होता। एक सकारात्मक दृष्टिकोण से यह प्रस्ताव तैयार हुआ और यह प्रस्ताव यूटी प्रशासन तक पहुंचा भी। सूत्रों का कहना है कि यह प्रस्ताव अब ठंडे बस्ते में चला गया। निदेशक के इस्तीफा देने के कारणों में से एक यह भी बताया जाता है।