शिअद में प्रधान पद से पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल को हटाए जाने का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बादल गुट के नेताओं की सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा की अध्यक्षता में बैठक हुई।
पार्टी के सीनियर लीडर डॉ. दलजीत सिंह चीमा से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि बगावत कर रहे नेताओं को पार्टी के प्लेटफार्म पर आकर अपनी बात रखने के लिए कई बार सूचित किया गया। पार्टी की अहम बैठकों में शामिल होकर अपनी बात रखने को कहा गया, लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद जब बागी नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जाकर अपनी अलग बैठकें और निर्णय लेने शुरू कर दिए तो पार्टी की वर्किंग कमेटी ने यह रेज्यूलेशन पास किया कि वह पार्टी के संविधान और कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, जिस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी के रेज्यूलेशन के बाद से वह खुद को पार्टी से अलग लेकर चल रहे हैं, जिसका सीधा तौर पर यह मतलब है कि वह पार्टी से खुद बाहर चले गए हैं।
पार्टी कार्यालय में बैठक नहीं करने देने पर बागी नेताओं ने फिर सेक्टर-36 के एक सेंटर में बैठक की, यहां बागी नेताओं ने गुरप्रताप सिंह वडाला को अपना नेता चुना। शिरोमणि अकाली दल सुधार लहर के लिए बागी नेताओं ने गुरप्रताप सिंह वडाला को कन्वीनर चुना। बागी दल के नेताओं की मीटिंग में प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, जागीर कौर, सिकंदर सिंह मलूका, गुरप्रताप सिंह बडाला, सुखदेव सिंह ढींढसा व चरनजीत सिंह बराड़ समेत कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा एक और कमेटी बनेगी, जिसमें सभी की सहमति से फैसले लिए जाएंगे। सुधार लहर के तहत जो पंथ की महान शख्सियत हुई है, उनको लेकर प्रोग्राम करवाए जाएंगे। 24 सितंबर को गुरचरण सिंह टोहड़ा साहब का सौ साला मनाएंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल ने जिन लोगों को चुनाव के समय पार्टी निकाला है या पुराने अकाली परिवार है, उनसे पार्टी से जोड़ेंगे।