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Akali Dal Dispute: बागी नेताओं को पार्टी से बाहर निकालने का प्रस्ताव पास, चंडीगढ़ में पार्टी दफ्तर आने पर रोक

Tue, 16 Jul 2024 08:17 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

लोकसभा चुनाव के बाद से शिरोमणि अकाली दल में प्रधान सुखबीर बादल के खिलाफ बगावत की आवाज उठने लगी थी। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सुखबीर को प्रधान पद छोड़ने की मांग की है। 
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अकाली दल की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिअद में प्रधान पद से पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल को हटाए जाने का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बादल गुट के नेताओं की सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा की अध्यक्षता में बैठक हुई।

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इस दौरान जब बागी नेताओं ने भी पार्टी कार्यालय में बैठक करने का प्रयास किया, तो बादल गुट ने बागी नेताओं को कार्यालय में बैठक नहीं करने दी। बादल गुट ने बैठक में बकायदा शक्ति प्रदर्शन करते हुए पुलिस का सहारा भी लिया। ताकि बागी नेता पार्टी कार्यालय में बैठक न कर सकें।

इसके बाद पार्टी की वर्किंग कमेटी ने बागी नेताओं को पार्टी से बाहर निकालने का प्रस्ताव पास कर दिया है। वर्किंग कमेटी ने यह कार्रवाई बागी नेताओं की ओर से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर डिस्पिलेनरी कमेटी के बार-बार चेतावनी जारी करने के बाद यह कदम उठाया है। 
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वहीं शिअद के बागी नेताओं को जब पार्टी कार्यालय में बैठक नहीं करने दी गई। तब बागी नेता एकजुट होकर सेक्टर-36 के एक सेंटर में बैठक करने पहुंचे। यहां बागी नेताओं ने शिअद के बादल गुट के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल सुधार लहर की शुरुआत की। बागी नेताओं ने शिरोमणि अकाली दल सुधार लहर के लिए गुरप्रताप सिंह वडाला को कन्वीनर चुना। 

चीमा बोले-कई बार दिए गए मौके

पार्टी के सीनियर लीडर डॉ. दलजीत सिंह चीमा से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि बगावत कर रहे नेताओं को पार्टी के प्लेटफार्म पर आकर अपनी बात रखने के लिए कई बार सूचित किया गया। पार्टी की अहम बैठकों में शामिल होकर अपनी बात रखने को कहा गया, लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद जब बागी नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जाकर अपनी अलग बैठकें और निर्णय लेने शुरू कर दिए तो पार्टी की वर्किंग कमेटी ने यह रेज्यूलेशन पास किया कि वह पार्टी के संविधान और कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, जिस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी के रेज्यूलेशन के बाद से वह खुद को पार्टी से अलग लेकर चल रहे हैं, जिसका सीधा तौर पर यह मतलब है कि वह पार्टी से खुद बाहर चले गए हैं। 

बागी नेताओं ने वडाला को कन्वीनर चुना

पार्टी कार्यालय में बैठक नहीं करने देने पर बागी नेताओं ने फिर सेक्टर-36 के एक सेंटर में बैठक की, यहां बागी नेताओं ने गुरप्रताप सिंह वडाला को अपना नेता चुना। शिरोमणि अकाली दल सुधार लहर के लिए बागी नेताओं ने गुरप्रताप सिंह वडाला को कन्वीनर चुना। बागी दल के नेताओं की मीटिंग में प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, जागीर कौर, सिकंदर सिंह मलूका, गुरप्रताप सिंह बडाला, सुखदेव सिंह ढींढसा व चरनजीत सिंह बराड़ समेत कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा एक और कमेटी बनेगी, जिसमें सभी की सहमति से फैसले लिए जाएंगे। सुधार लहर के तहत जो पंथ की महान शख्सियत हुई है, उनको लेकर प्रोग्राम करवाए जाएंगे। 24 सितंबर को गुरचरण सिंह टोहड़ा साहब का सौ साला मनाएंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल ने जिन लोगों को चुनाव के समय पार्टी निकाला है या पुराने अकाली परिवार है, उनसे पार्टी से जोड़ेंगे।

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