प्रापर्टी टैक्स की नई दरें लागू होने से जहां रिहायशी इलाकों के प्लाट वालों को राहत मिली है, वहीं मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट में रहने वालों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
रिहायशी इलाकों में टैक्स की दरें प्रति वर्ग गज के मुताबिक चार्ज किए जा रहे हैं, जबकि सोसाइटियों में रहने वालों के लिए यह प्रति वर्ग फुट के हिसाब से वसूलने की अधिसूचना जारी जारी की गई है।
पंचकूला में करीब 225 सोसाइटियां हैं, जहां रहने वाले 10,000 मकान मालिकों को करीब तीन गुना अधिक रेट चुकाने की चिंता सताने लगी है। ऐसे में फ्लैट्स मालिक दरों के इस फर्क की उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में हैं।
हाउस आनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी बीबी शर्मा ने कहा कि प्लाट में रहने वालों के लिए प्रापर्टी टैक्स की दरें प्रति वर्ग के मुताबिक तय की गई हैं, जबकि फ्लैट्स में रहने वालों के लिए यह फुट में हैं। यह पक्षपात है।
सोसाइटी नंबर-108 में रहने वाले आशीष बिग ने कहा कि सरकार की इस नीति से अधिकतर लेागों में रोष है। सेक्टर-20 की सोसाइटी में रहने वाले जेएल बत्तरा ने कहा कि इससे आम लोगों की तकलीफें बढ़ गई हैं।
सरकार को यह सोचना चाहिए कि जो फ्लैट में रहते हैं, उनकी आर्थिक स्थिति प्लाट में बनी कोठी मालिकों की तुलना में कम सुदृढ़ होती है।
इसके बावजूद सरकार की अधिसूचना में हुई चूक ने न केवल उन्हें, बल्कि फ्लैटों में रहने वाले 10 हजार से अधिक लोगों की चिंता बढ़ा दी है।