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चंडीगढ़ नगर निगम के 15 कर्मियों पर बकाया 14.45 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स, विभाग ने भेजे नोटिस

Mon, 19 Aug 2019 12:50 PM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रॉपर्टी टैक्स - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़वासी ही नहीं नगर निगम के अपने कर्मचारी भी प्रॉपर्टी टैक्स का करोड़ों रुपये दबाकर बैठे हैं। कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स मिलाकर निगम कर्मचारियों पर निगम का 14 करोड़ 44 लाख 92 हजार 281 रुपये बकाया हैं। खास बात यह है कि यह रुपये महज 15 कर्मचारियों पर बकाया हैं। निगम ने इन सभी 15 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है।
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30 अगस्त तक टैक्स जमा नहीं करने पर प्रॉपर्टी सीज करने का नोटिस जारी किया जाएगा। एडीशनल कमिश्नर-3 अनिल गर्ग ने बताया कि शहर में सभी बड़े छोटे प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। अभी तक शहर में लगभग 10 हजार लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इनमें कई नगर निगम के भी कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया है।

9 कर्मचारियों ने कामर्शियल प्रॉपर्टी का 9 करोड़ 65 लाख 11 हजार 487 रुपये का टैक्स नहीं जमा कराया है। वहीं, 6 कर्मचारियों ने रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का 4 करोड़ 79 लाख 80 हजार 794 रुपये का टैक्स नहीं जमा कराया है। सभी को नोटिस जारी कर दिया है। वहीं अन्य कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली जा रही है।
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34 संस्थानों को भी भेजा था प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस

नगर निगम ने कुछ दिन पहले 34 संस्थानों को नोटिस जारी किए थे। इसमें सेक्टर 35 स्थित कांग्रेस भवन सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं। वहीं सेक्टर 31 ए स्थित आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को भी निगम से नोटिस जारी किया था।

नोटिस मिलते ही ज्यादातर बकाएदारों ने तत्काल निगम पहुंचकर अपने दस्तावेज पेश करने शुरू कर दिए हैं। वहीं कुछ लोगों ने तो टैक्स भी जमा करा दिया है। जानकारी के अनुसार, इन सभी संस्थानों पर टैक्स का लगभग 4 करोड़ रुपये बकाया था।

समस्या समाधान के लिए लगाया था विशेष शिविर
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन करने के लिए तैयारियां शुरू की थीं। बाद में पता चला कि वर्ष 2003 के बाद से नगर निगम के पास प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा ही नहीं है। जिन लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी दस्तावेज नहीं मिले निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया। उसके बाद निगम में लोगों की लंबी कतारेें लगने लगीं।

लोगों का कहना था कि प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बावजूद हमें नोटिस जारी किए गए हैं। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर एडीशनल कमिश्नर-3 ने 31 मई तक करंट ईयर का टैक्स जमा करने को कहा। पिछले टैक्स संबंधी समस्याओं को एक महीने तक विशेष शिविर में हल करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों ने शिविर में कोई रुचि नहीं ली।
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सदन में उठा था मुद्दा तो कमिश्नर ने दिया था आश्वासन

प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने सदन की बैठक में काफी हंगामा किया था। पार्षदों ने कहा कि निगम की लापरवाही से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उसके बाद कमिश्नर केके यादव ने आश्वासन दिया कि सेक्टर के हिसाब से लोगों को निगम में बुलाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। जब शिविर शुरू हुआ तो निगम के कर्मचारी क्षेत्र के पार्षदों और आरडब्ल्यूए के सदस्यों को भी लगातार फोन कर लोगों की समस्याओं को निगम में लाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब कोई रुचि नहीं ले रहा।

कोई भी व्यक्ति हो चाहे निगम में कार्यरत हो या आम जन हो। प्रॉपर्टी टैक्स देना सबका कर्तव्य है। अपनी जिम्मेदारियां लोग नहीं निभाएंगे तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। सभी को समस्या सुलझाने का मौका भी दिया था।
- अनिल गर्ग, एडीशनल कमिश्नर-3, नगर निगम
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