पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया की मंजूरी के बाद नए संपत्ति कर एक अप्रैल से लागू किए जा सकते हैं। कमेटी टैक्स को बढ़ाने के लिए कई पैमानों पर काम कर रही है।
चंडीगढ़ में एक अप्रैल से संपत्ति कर बढ़ सकता है। प्रशासन ने वित्त सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है। कमेटी नए संपत्ति कर ढांचे पर काम कर रही है। कमेटी की एक बैठक भी हो चुकी है। 17 फरवरी को निगम की सदन की बैठक में संपत्ति कर बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया था।
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सूत्रों के अनुसार पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया की मंजूरी के बाद नए संपत्ति कर एक अप्रैल से लागू किए जा सकते हैं। कमेटी टैक्स को बढ़ाने के लिए कई पैमानों पर काम कर रही है।
नगर निगम की सदन की बैठक में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों पर टैक्स 3 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने और जब तक की 15 फीसदी न हो जाए हर साल एक फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। पार्षदों के विरोध के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। हालांकि अधिकारियों ने कहा था कि निगम की वित्तीय स्थिति को ठीक करने के लिए कर को बढ़ाना चाहिए। प्रशासन के अधिकारी भी इसके पक्ष में हैं। प्रशासक कटारिया भी कई बार संपत्ति कर बढ़ाने के बारे में कह चुके हैं। अब वित्त सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
कमेटी टैक्स बढ़ाने के लिए इन पैमानों पर कर रही काम
पूंजी मूल्य प्रणाली : इसके तहत टैक्स की गणना किसी संपत्ति के बाजार मूल्य के प्रतिशत के आधार पर की जाती है।
वार्षिक किराया मूल्य प्रणाली : टैक्स की गणना संपत्ति के किराया मूल्य के आधार पर की जाती है।
यूनिट एरिया मूल्य प्रणाली : टैक्स की गणना निर्मित क्षेत्र की प्रति इकाई कीमत के आधार पर की जाती है।