चंडीगढ़। एस्टेट ऑफिस की ओर से सीधे संपत्तियों की बिक्री के हालिया निर्णय का प्रॉपर्टी फेडरेशन चंडीगढ़ ने विरोध किया है। फेडरेशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने यूटी सचिवालय में चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद से मुलाकात की। उनको अपनी चिंताओं से अवगत कराया और इस ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में अमित जैन इंदरजीत सिंह नरेश बंसल और मानव बेदी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एस्टेट ऑफिस का यह कदम उसे एक प्रॉपर्टी ब्रोकर की भूमिका में ला खड़ा करता है जो उसके नियामक दायित्वों के विपरीत है। इससे हजारों प्रॉपर्टी ब्रोकरों सलाहकारों कर्मचारियों और रियल एस्टेट से जुड़े अन्य पेशेवरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एस्टेट ऑफिस का काम संपत्तियों का नियमन और प्रशासन करना है न कि बाजार में निजी पेशेवरों के साथ प्रतिस्पर्धा करना।
फेडरेशन ने इस निर्णय को हितों के टकराव का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे निष्पक्ष बाजार व्यवस्था प्रभावित होती है और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि एस्टेट ऑफिस को वाणिज्यिक मध्यस्थ की भूमिका से रोका जाए और प्रॉपर्टी ब्रोकरों के पंजीकरण व विनियमन के लिए एक स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।
मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि मामले पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर उचित कदम उठाए जाएंगे।