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Chandigarh News: निजी स्कूलों की मनमानी जारी, हर स्कूल की अपनी दुकान तय

Tue, 25 Mar 2025 02:05 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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चंडीगढ़। निजी स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। भले ही शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद स्कूलों में किताबें नहीं बिक रही हों लेकिन शहर के हर स्कूल की दुकानें तय हैं।
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निजी स्कूलों की हर वर्ष बढ़ती फीस और महंगी होती किताबों का बोझ अभिभावकों का तनाव बढ़ा रहा है। प्राइवेट स्कूलों की किताबों के दाम आसमान छू रहे हैं, यह शिक्षा के व्यापार की ओर इशारा कर रहे हैं।
नया सत्र शुरू होते ही स्कूल हर वर्ष 5 से 10 प्रतिशत फीस बढ़ा देते हैं। हर वर्ष बच्चों को नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं, क्योंकि निजी स्कूल हर वर्ष बच्चों से नई किताबें मंगवाते हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि सभी स्कूलों ने दुकानें तय की हुई हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक तो एनसीईआरटी की किताबें नहीं लग रहीं। छठी से आठवीं तक कुछ किताबों एनसीईआरटी की होती हैं और कुछ स्कूल निजी प्रकाशकों की लगवा रहे हैं।
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नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें लगाई जा रही हैं, क्योंकि फाइनल पेपर एनसीईआरटी की किताबों से आते हैं। इसलिए स्कूलों को यह लेना मजबूरी है। इससे स्कूलों का परिणाम खराब हो सकता है। रंजीत सिंह ने बताया कि अधिकतर स्कूलों की किताबें सेक्टर19 और सेक्टर-22 से मिल रही हैं। पहली कक्षा का सेट चार हजार से पांच हजार रुपये तक का मिल रहा है। सुधीर ने बताया कि वर्दी और जूतों के दाम ऑनलाइन या बाजार में सस्ते हैं लेकिन स्कूलों की ओर से बताई गई दुकानों पर यह कई गुना ज्यादा दामों पर मिल रहे हैं। अभिभावकों ने कहा कि स्कूलों की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए।
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