फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राइवेट स्कूलों में 1000 सीटों पर दाखिले का मामला लटका

Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
विज्ञापन
चंडीगढ़ के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल के लिए जनरल कोटे पर दाखिला प्रक्रिया पूरी हो गई है। लेकिन 70 से अधिक प्राइवेट स्कूलों में एकोनामिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत भरी जाने वाली 25 फीसदी सीटों पर दाखिले का मामला अभी लटका हुआ है। 
विज्ञापन


यूटी प्रशासन की ओर से ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए आय प्रमाण पत्र को लेकर कोई भी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। मामले में डीसी ऑफिस और जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) दोनों ही आय प्रमाण पत्र बनाने को तैयार नहीं हैं। आरटीई एक्ट लागू होने के बादशहर के प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाता है। कैटेगरी में आवेदन  के लिए संबंधित एरिया के एसडीएम से आय प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है। लेकिन इस साल आय प्रमाण पत्र बनाने से डीसी ऑफिस ने इंकार कर दिया।

  मामला एडवाइजर तक पहुंचा और उच्च अधिकारियों की जनवरी में मीटिंग भी हुई। लेकिन अभी तक प्रशासन आय प्रमाण पत्र बनाने के मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। उधर, अभिभावक ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आवेदन के लिए प्राइवेट स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

गलत आय प्रमाण पत्र पर दर्ज हुई एफआईआर

- फोटो : File Photo
गलत आय प्रमाण पत्र पर दर्ज हुई एफआईआर 
ईडब्ल्यूएस कोटे से दाखिला पाने वाले स्टूडेंट की पूरी फीस माफ होती है। स्टूडेंट को किताबें भी निशुल्क दी जाती हैं। पिछले सालों में कई प्राइवेट स्कूलों में फर्जी आय प्रमाण पत्र के मामले सामने आ चुके हैं। सेक्टर-33 स्थित टेंडर हार्ट स्कूल प्रबंधन ने ऐेसे मामले में कैंबवाला निवासी एक अभिभावक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। भवन विद्यालय-33 में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ परिवार की 1.50 लाख से कम सालाना आय होने पर ही मिलती है। 

ईडब्ल्यूएस कोटे से बचने के लिए 23 स्कूलों ने लिया माइनारिटी स्टेटस 
शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे की 25 फीसदी सीटें भरने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देश नहीं मानने वाले स्कूलों की सीबीएसई मान्यता भी रद्द कर सकता है। ईडब्ल्यूएस कोटे से बचने के लिए पिछले 4-5 सालों में माइनारिटी स्कूल की संख्या 8-9 से बढ़कर 23 हो गई है। ये स्कूल अब ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटों पर दाखिला नहीं दे रहे। उधर शिक्षा विभाग और प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत विद्यार्थियों के खर्च की भरपाई को लेकर भी विवाद जारी है। 

ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एडवाइजर, शिक्षा सचिव और डीसी ऑफिस के अधिकारियों की मीटिंग हो चुकी है। विभाग ने आवेदन की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई है। जरूरत पड़ने पर इसे और आगे बढ़ाया जा सकता है।  
रुबिंदरजीत सिंह बराड़ , डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें