चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में एक फरवरी से छठी से लेकर बारहवीं की सामान्य कक्षाएं शुरू हो रही हैं। निजी स्कूलों ने सामान्य कक्षाएं शुरू करवाने के लिए अभिभावकों को सर्कुलर भेजकर उनकी राय मांगी है। शहर के निजी स्कूल अभी अंतिम निर्णय नहीं कर पाएं है कि विद्यार्थियों को सामान्य कक्षाओं के लिए स्कूल बुलाना है या नहीं। स्कूलों का कहना है कि हम अभिभावकों की राय के आधार पर ही सामान्य कक्षाएं शुरू करने पर निर्णय लेंगे। हालांकि प्री-बोर्ड की परीक्षा के लिए 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया है।
शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को सरकारी और निजी स्कूलों को सर्कुलर भेजकर एक फरवरी से छठी से 12वीं तक की कक्षा के लिए स्कूलों को खोलने के दिशा निर्देश दिए। इसके तहत विभाग ने निजी स्कूलों से भी आग्रह किया कि वे भी स्कूलों में सामान्य कक्षाएं शुरू करवाने को लेकर विचार करें। स्कूलों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे चाहते हैं कि दसवीं और बारहवीं बोर्ड के विद्यार्थी स्कूल आकर पढ़ाई करें, क्योंकि घर पर रहकर ऑनलाइन कक्षाओं में ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन परीक्षा प्रभावी नहीं है, इसमें विद्यार्थी नकल कर लेते हैं। इसलिए प्री बोर्ड की परीक्षा विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन आयोजित की है, ताकि उनकी अब तक की पढ़ाई का मूल्यांकन किया जा सके और उन्हें बोर्ड के लिए अच्छे से तैयार किया जा सके।
क्या कहते हैं प्राचार्य
घर पर विद्यार्थियों ने नहीं की पढ़ाई
10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ हमने बैठक कर उन्हें प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूल भेजने के लिए आग्रह किया था। परीक्षा के दौरान शिक्षकों का आकलन है कि विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम में घर पर बैठकर पढ़ाई नहीं की है। बोर्ड की दोनों कक्षाओं को परीक्षा के बाद भी सामान्य कक्षाओं के लिए स्कूल बुलाना जारी रखेंगे। इसके अलावा छठी से लेकर ग्यारहवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों को सर्कुलर भेजा है, उनकी सहमति के आधार पर हम उनके लिए योजना बनाएंगे।
-डॉ सीमा बिज्जी, प्राचार्य, मोतीराम स्कूल -27
कम विद्यार्थी भी स्कूल आना चाहते हैं तो कक्षाएं शुरू करेंगे
फरवरी में छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए सामान्य कक्षाएं शुरू करवाने को लेकर हमने स्कूल वेबसाइट पर सर्कुलर डाल दिया है। अभिभावकों के स्कूल भेजने की सहमति केआधार पर आगे की योजना बनाएंगे। अभी तक प्राइमरी से 12वीं तक की सभी कक्षाओं को ऑनलाइन ही पढ़ाया जा रहा है। अब अगर कम विद्यार्थी भी सामान्य कक्षा के लिए स्कूल आना चाहते हैं तो उनकी कक्षाएं आयोजित करवाएंगे। लंबे समय से स्कूल बंद पड़े हैं, अभी सामान्य कक्षाओं की शुरुआत करवाना जरूरी है।
-नियति चितकारा, प्राचार्य, चितकारा स्कूल- 25
ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों माध्यम में चलाएंगे कक्षाएं
हमने विद्यार्थियों के लिए सामान्य कक्षाओं के लिए स्कूल खोले हुए हैं। हमारे स्कूल में लगभग 15 विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के हैं। इनके घरों में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं है, इसलिए ये स्कूल आकर कक्षाएं लगा रहे हैं। हमने अभिभावकों से उनकी राय पूछी है, जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आएंगे उनकी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। हम फरवरी के पहले हफ्ते में दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की प्री-बोर्ड ऑफलाइन माध्यम में ही संचालित करेंगे। ऑनलाइन परीक्षा में संतोषजनक परिणाम देखने को नहीं मिलते, विद्यार्थी नकल कर लेते हैं।
-अनुजा शर्मा, प्राचार्य, डीएवी स्कूल -15
अभिभावकों की राय पर ही शुरू करेंगे सामान्य कक्षाएं
हमने अभी अभिभावकों के बीच फरवरी में सामान्य कक्षाएं शुरू करवाने को लेकर सर्वे करवाना है। उनकी राय के आधार पर ही स्कूल खोलने का निर्णय लिए जाएगा। अब तक हमने जितने सर्वे करवाए है उनमें लगभग 95 प्रतिशत अभिवावक सामान्य कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के लिए राजी नहीं है। फरवरी में आयोजित होने वाली प्री-बोर्ड परीक्षा के लिए भी हमने विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों का विकल्प दिया है।
-कविता दास, प्राचार्य, सेंट जोंस हाई स्कूल- 26