अंग्रेज चले गए लेकिन जेल मैनुअल अब भी वही चल रहा है। एक कैदी के लिए सात रोटियां तय की गई थीं तो वह आज तक अमल में है। अब हरियाणा के कारागार मंत्री रणजीत सिंह ने इस सिस्टम को बदलने की कसरत शुरू कर दी है। अब हरियाणा की जेल में कैदियों को सुबह नाश्ते के साथ चाय और ब्रेड पकौड़ा दिया जाएगा। सप्ताह में दो बार स्वादिष्ट मिठाई मिलेगी। इसमें पिन्नी, चूरमा, खीर और हलवे का विकल्प मिलेगा।
कैदियों की मांग के हिसाब से यह उन्हें 150 ग्राम तक उपलब्ध कराया जाएगा। जेल मंत्री ने फाइल पर मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही इसे अमल में लाया जाएगा। मंत्री ने जांच की तो पाया कि अब कैदियों की सात रोटियों की खुराक नहीं रही। एक कैदी तीन या चार रोटियां खाता है। लिहाजा रोटियों की संख्या पांच कर दी गई है। हालांकि अगर कोई अतिरिक्त रोटी मांगेगा तो उसे दी जाएगी।
10 जेलों के बाहर खुलेंगे पेट्रोल पंप
वर्तमान में कुरुक्षेत्र जेल के बाहर पेट्रोल पंप है। यहां पर अच्छे आचरण वाले कैदी पंप चलाते हैं। अब विभाग ऐसी 10 जेल चिह्नित कर रहा है, जहां पेट्रोल पंप खोले जाएंगे। इन पंपों से करीब 15 लाख रुपये महीने की आमदनी होने की उम्मीद है।
कैदियों का आचरण बदलता है
जो कैदी पेट्रोल पंप पर काम करते हैं, उनसे मिलने के लिए कभी कभार उनके परिवार के लोग भी आ जाते हैं। कभी उनके लिए खाना भी ले आते हैं। यह सिलसिला चलता रहता है। यह देखकर जेल के अंदर रहने वाले अन्य कैदियों के मन में अच्छे आचरण की इच्छा पैदा होती है। वह भी सुधार की ओर अग्रसर होते हैं।
जेल में कैदी कड़कड़ाती ठंड में ताजे पानी से नहा रहे हैं और दिन ढलने से पहले शाम चार बजे रात का खाना दे दिया जाता है। हम बुजुर्ग कैदियों को गर्म पानी देंगे। खाने का समय बदल कर शाम 6 से 7 कर दिया गया है। रणजीत सिंह, कारागार मंत्री, हरियाणा।