हद हो गई, कैदी से जेल से फेसबुक पर लाइव होकर मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दे दी। अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है। मामला पंजाब के फरीदकोट का है।
सेंट्रल मॉडर्न जेल में 2011 से संबंधित हत्या के एक मामले में बंद हवालाती ने मोबाइल फोन पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी वाला वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो बनाने वाले हवालाती की पहचान जैतो निवासी गोबिंद सिंह के रूप में हुई है।
उसने वीडियो में मुख्यमंत्री के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। घटना की जानकारी मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने वीडियो बनाने में प्रयोग हुए फोन को बरामद कर लिया है। वहीं गोबिंद के अलावा उसे फोन मुहैया करवाने वाले कैदी कुलदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वीडियो में कैदी ने ये सब कहा
मोबाइल वीडियो
- फोटो : फाइल फोटो
पुलिस ने बताया कि एक दिन पहले फरीदकोट जेल के डिप्टी जेल अधीक्षक इकबाल सिंह बराड़ को सूचना मिली थी कि हवालाती गोबिंद सिंह ने कोई धमकी भरा वीडियो बनाकर बाहर भेजा है। वीडियो बनाने के लिए फिरोजपुर के गांव मन्नावाला निवासी कैदी कुलदीप सिंह ने फोन मुहैया करवाया है।
जब कुलदीप के सामान की तलाशी ली गई तो जेल प्रशासन को फोन मिल गया। जेल परिसर में ही तैयार 2 मिनट 48 सेकंड के वीडियो में पहले गोबिंद सिंह ने फरीदकोट जेल के गुरुद्वारा साहिब में पावन ग्रंथ के लिए एक ही बेड होने और जेल में पीने की पानी की समस्या को उठाया और उसके बाद वह मुख्यमंत्री को अपशब्द बोलने लगा।
उसने कहा कि यदि उसके पास फोन नंबर होता तो वह सीधे मुख्यमंत्री, डीजीपी और जेलमंत्री को ही वीडियो भेज देता। इसके अलावा गोबिंद सिंह ने फरीदकोट के छात्रा अपहरण कांड के आरोपी का नाम लेकर उसे भी मारने को कहा। गौरतलब है कि तीन माह पहले बठिंडा के गैंगस्टर लक्खा सिधाना ने भी फरीदकोट जेल से फेसबुक लाइव होकर सरकार को चुनौती दी थी।
क्या कहते हैं अफसर
डायरेक्टर जनरल ऑफ पंजाब पुलिस सुरेश अरोड़ा
जेल में धमकी भरा वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में नामजद हवालाती व कैदी को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी। यदि इस मामले में कोई जेल अधिकारी या कर्मचारी शामिल हुआ तो उसे भी बक्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. नानक सिंह, एसएसपी
इस मामले में रविवार को पर्चा दर्ज करवा दिया गया है। साथ ही जेल में यह जांच की जा रही है की मोबाइल अंदर कैसे पहुंचे। इस मामले में तीन लोगों की जांच की जा रही है।
- जेल अधीक्षक जसपाल सिंह
मामले को साइबर क्राइम को सौंप रहे हैं ताकि इस बात का भी पता चल सके कि यह वीडियो कितना पुराना है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- जेल मंत्री, सुरेंद्र सिंह रंधावा