हत्या के मामलें में केंद्रीय जेल में बंद हवालाती सुखविंदर सिंह के परिजनों ने मंगलवार को सिविल अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए जेल कर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों ने हवालाती सुखविंदर सिंह को जेल से लेकर आई एंबुलेंस एवं जेल कर्मियों का घेराव कर नारेबाजी की। बता दें कि तीन वर्ष पहले एक युवती की गर्दन काटकर उसकी हत्या करने के मामले में सुखविंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जानकारी के अनुसार जेल प्रशासन मंगलवार को जब हवालाती सुखविंदर सिंह को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद हवालाती के परिजनों ने जेल कर्मियों पर हवालाती से मारपीट कर उसे घायल करने का आरोप लगा दिया। इतना ही नहीं गुस्साए परिजनों ने एंबुलेंस एवं जेल कर्मियों का घेराव किया तो सिविल अस्पताल पुलिस चौकी की पुलिस बीच बचाव करने पहुंची और हवालाती को उपचार के लिए इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। जहां ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) ने हवालाती की मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) काटकर संबंधित थाने को भेज दी, ताकि पुलिस उसके बयान लेकर कार्रवाई कर सके। हवालाती के एक्स-रे भी करवाया।
सिविल अस्पताल पहुंचे विचारधीन हवालाती सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा ने आरोप लगाया कि सात जुलाई को जेल अधिकारी बिंदर सिंह, सुरजीत सिंह व दलजीत सिंह समेत दो अज्ञात कर्मचारियों ने मिलकर उसके साथ जमकर मारपीट की और गंभीर रूप से घायल कर दिया। इतना ही नहीं उसे इलाज के लिए न तो जेल अस्पताल और न ही सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया।
जेल अधिकारियों की तरफ से की गई मारपीट की जानकारी उसने अपने परिजनों दी और उन्होंने भी जेल अधिकारियों से बातचीत कर उसे दाखिल करवाने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। मारपीट के छह दिन बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है।
थाना कैंट के इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने कहा कि उनके पास अभी हवालाती की सिविल अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई। रिपोर्ट के बाद उसके बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी, जबकि जेल अधिकारी बिंदर सिंह का कहना है कि जेल अधिकारियों पर मारपीट के झूठे आरोप लगाए जा रहे। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद सब साफ हो जाएगा।