प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का मुल्लांपुर दौरा कड़ी सुरक्षा के बीच होगा। वह तीस दिसंबर को मुल्लांपुर में टाटा कैंसर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का नींव पत्थर रखने आ रहे हैं।
उनकी सुरक्षा के लिए कई जिलों की पुलिस समागम स्थल एवं आसपास तैनात की जाएगी। पटियाला रेंज के आई परमजीत सिंह गिल खुद सुरक्षा इंतजाम का रोजाना रिव्यू कर रहे हैं।
मंगलवार शाम करीब चार बजे आईजी गिल, डीआईजी एसके वर्मा, एसएसपी इंदर मोहन सिंह के साथ समागम स्थल पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
उसके बाद एसएसपी दफ्तर में उन्होंने अधिकारियों के साथ मीटिंग की।
एसएसपी इंदर मोहन सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के समागम की सुरक्षा में करीब दो हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
इनकी कमान एसपी स्तर के बारह अधिकारियों के हाथों में होगी। उनके साथ 25 डीएसपी भी तैनात किए जाएंगे। प्रधानमंत्री के हैलीकॉप्टर के लिए तीन हैलीपैड बनाए जाएंगे।
समागम स्थल पर जैमर भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाएंगे। समागम स्थल के चप्पे-चप्पे पर हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
फिलहाल अधिकारी योजना बना रहे हैं कि ज्यादा ट्रैफिक डाइवर्जन न किया जाए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही ट्रैफिक डाइवर्ट किया जाएगा।
रूट और डाइवर्जन प्लान का खुलासा समागम से एक-दो दिन पहले ही किया जाएगा। समागम स्थल पर पुलिस गारद कई दिन पहले ही तैनात कर दी गई थी।
डॉग स्क्वायड और एंटी सबोटाज टीम रोजाना चेकिंग कर रही है। समागम स्थल के आसपास के इलाके पर भी पूरी नजर रखी जा रही है।
परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर
प्रधानमंत्री के मुल्लांपुर दौरे के समय परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। असिस्टेंट जिला मजिस्ट्रेट प्रवीन कुमार थिंद ने मंगलवार को इस संबंध में धारा 144 के तहत विशेष आदेश जारी किया।
इसके तहत समागम स्थल वाले इलाके में पैरा-ग्लाइड, पैरा-सेल, पैरा-मोटर, रिमोट से चलने वाले लाइट एयरक्राफ्ट, एयरोमोडर, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, हैंड-ग्लाइडर और गर्म हवा के गुब्बारों आदि पर पाबंदी लगा दी गई है।
समागम स्थल और उसके आसपास के एयर-स्पेस में यह आदेश 29-30 दिसंबर-13 को लागू रहेंगे। एडीएम थिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तीस दिसंबर को मुल्लांपुर में कैसर अस्पताल का नींव पत्थर रखने आ रहे हैं।
ऐसे में अपराधिक, असामाजिक, आतंकी तत्व वीवीआईपीज की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी आशंका के मद्देनजर यह आदेश लागू किया गया है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।