गन्ने के भाव में मात्र 14 रुपए की बढ़ोतरी करके सरकार ने गन्ना किसानों के साथ किया मजाक- हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार ने प्रदेश में गन्ने के प्रति क्विंटल भाव में मात्र 14 रुपये की वृद्धि करके किसानों के साथ मजाक किया है। उन्होंने एलान करते हुए कहा कि अगले साल हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में ही गन्ने का भाव 450 प्रति क्विंटल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसान लंबे समय से गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं और हमारी सरकार ने गन्ने के रेट में रिकॉर्ड तोड़ 193 रुपये की बढ़ोतरी कर उसे 117 से बढ़ाकर 310 रुपये तक पहुंचाया था। यानी नौ साल में 165 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, जो उस समय देश में सबसे ज्यादा भाव था, जबकि भाजपा सरकार ने गन्ने का भाव 2014 के बाद 310 से बढ़ाकर 2023-24 में 372 रुपये ही किया, यानी नौ साल में मात्र 20 प्रतिशत वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों से गन्ना खरीद के साथ तुरंत भुगतान भी सुनिश्चित किया जाता था। 2014 में सरकार छोड़ते समय गन्ना मिलों पर किसानों का एक पैसा बकाया नहीं था। कहा कि भाजपा सरकार ने 2015 में वादा किया था कि 2022 तक किसान की आमदनी दोगुनी कर देंगे और 2014 में जब हमने सत्ता छोड़ी तब गन्ने का भाव 310 रुपए था, भाजपा सरकार अगर 2022 तक किसान की आमदनी दोगुनी करने का वादा निभाती तो इस हिसाब से गन्ने का दोगुना भाव 620 बनता है, लेकिन 2022 का साल गुजरे भी एक साल से ज्यादा बीत गया है।