चंंडीगढ़। चंडीगढ़ में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जमीन की कमी को देखते हुए वर्टिकल विस्तार को बढ़ावा देना और निवेश आकर्षित करना है। यह मामला संसद तक पहुंच चुका है। वहां बताया गया है कि एफएआर और लचीले विकास मानदंडों पर विचार के लिए 23 जनवरी 2026 को डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। जो भवन नियमों में संशोधन और भूमि के बेहतर उपयोग पर समीक्षा कर रही है। ऐसे में चंडीगढ़ के उद्यमियों में काफी ज्यादा उत्साह है। चंडीगढ़ प्रशासन इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 के लिए एफएआर को 0.75 से बढ़ाकर 2.5 करने का प्रस्ताव दिया है। मौजूदा फेज-1 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी एफएआर को 0.75 से बढ़ाकर 1.5 करने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ को मोहाली और पंचकूला के बराबर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देना है, जहां एफएआर पहले से ही 2.5 से 3.0 के बीच है।
एफएआर बढ़ाने से उद्योग में आ सकता है ज्यादा बदलाव
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा एफएआर बढ़ाने से उद्योग में काफी ज्यादा बदलाव आ सकता है। अभी कई उद्यमी पंचकूला और मोहाली की ओर जाते हैं, लेकिन किफायती दरों के साथ बढ़ाए गए एफएआर से उद्यमियों का न सिर्फ दूसरे राज्यों में जाना बंद होगा बल्कि इन राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। -चरंजीव सिंह, चेयरमैन, चंडीगढ़ व्यापार मंडल
रेवेन्यू भी बढ़ेगा
चंडीगढ़ से काफी सीमित जगह है। ऐसे में लोग यहां से शिफ्ट हो रहे हैं। चंडीगढ़ प्रशासन यदि किफायती दरों या फ्री एफएआर बढ़ाने की अनुमित देता है तो उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। इसके साथ ही एफएआर बढ़ने से चंडीगढ़ की मार्केट वैल्यू बढ़ जाएगी और चंडीगढ़ में बिजनेस और इंडस्ट्री बढ़ेगी। -अरुण गोयल, महासचिव, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री