चंडीगढ़। पोलियो उन्मूलन के बाद भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार बेहतर परिणाम देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए आईसीएमआर की स्वीकृति के बाद चंडीगढ़ में पोलियो की नई जी-आईपीबी वैक्सीन पर शोध शुरू किया गया है। पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में आने वाले बच्चों पर इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस दौरान मानक के अनुरूप चुने गए बच्चों को यह वैक्सीन लगाई जा रही है।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में बच्चों को पोलियो की दो तरह की वैक्सीन दी जाती है। एक में दो बूंद पिलाई जाती है और दूसरी इंजेक्शन के रूप में लगाई जाती है। इनमें से मुंह के माध्यम से दी जाने वाली वैक्सीन बीमारी के वायरस की शक्ति को खत्म कर बनाई जाती है लेकिन इसमें वायरस जिंदा रहता है, जिससे पोलियो होने का खतरा रहता है। वहीं, दूसरी वैक्सीन इंजेक्शन के जरिए दी जाती है जिसमें वायरस मार दिया जाता है। इसे आईपीबी वैक्सीन कहते हैं। इस वैक्सीन से भी बच्चों को दर्द, सूजन, बुखार जैसी समस्या होती है। इन सभी समस्याओं पर नियंत्रण के साथ बचाव के बेहतर परिणाम के लिए ही जी-आईपीबी वैक्सीन पर ट्रायल शुरू किया गया है।
100 बच्चों पर होगा ट्रायल
नई वैक्सीन का ट्रायल 100 बच्चों पर किया जाएगा। पिछले एक महीने के दौरान लगभग 15 बच्चों को वैक्सीन की खुराक लगाई जा चुकी है। सभी बच्चों का लगातार फॉलोअप किया जा रहा है। डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि 100 बच्चों को वैक्सीन देने के बाद तय मानक के अनुसार उनकी एंटीबॉडीज जांची जाएंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर पता चलेगा कि पुरानी वैक्सीन के मुकाबले नई वैक्सीन कितनी ज्यादा कारगर है।
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नियमित टीकाकरण में भी शीर्ष पर
डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि नियमित टीकाकरण में चंडीगढ़ के बेहतर परिणाम को ध्यान में रखते हुए पोलियो के सब नेशनल राउंड से बाहर कर दिया गया है। सब नेशनल राउंड साल में दो बार चलाया जाता है। इस राउंड में उन राज्यों को शामिल होना अनिवार्य होता है, जिनके परिणाम लक्ष्य से कम होते हैं लेकिन चंडीगढ़ लगातार लक्ष्य से आगे बढ़कर परिणाम दे रहा है।
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इसलिए मनाते हैं पोलियो दिवस
24 अक्तूबर को विश्व पोलियो दिवस के रूप में भी जाना जाता है, जिसे पोलियो मुक्त विश्व की दिशा में वैश्विक प्रयासों को उजागर करने के लिए चिह्नित किया गया है। यह दिन विश्व के हर कोने से पोलियो के वायरस को खत्म करने की लड़ाई में फ्रंटलाइन पर तैनात लोगों के योगदान का सम्मान करता है।
कोट
टीकाकरण को लेकर चंडीगढ़ का परिणाम लगातार बेहतर रहा है। इससे पहले भी कोविड टीकाकरण को लेकर यहां महत्वपूर्ण शोध हो चुके हैं। पोलियो टीकाकरण से जुड़ा यह शोध भी चंडीगढ़ के साथ ही पूरे देश के लिए बेहद खास होगा। -अजय चगती, स्वास्थ्य सचिव