चंडीगढ़। चंडीगढ़ की एडवाइजरी काउंसिल की परिवहन स्टैंडिंग कमेटी की बैठक वीरवार को सांसद किरण खेर की की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बताया गया कि यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को एक फरवरी 2022 को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद ही स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से शहर के बाहर रजिस्टर्ड परिवहन वाहनों पर मोटर व्हीकल टैक्स लगाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।बैठक में नगर निगम आयुक्त, परिवहन निदेशक, एसएसपी ट्रैफिक, सचिव एसटीए और इंजीनियर विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में शहर में अवैध रुप से चल रहे ऑटों पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में रिकार्ड पेश किया गया। ट्रैफिक पुलिस तरफ से बताया गया कि विभाग की तरफ से अब तक जब्त किए गए ऑटो की नीलामी करना शुरु कर दिया गया है। वर्ष 2016-18 तक ट्रैफिक पुलिस ने 106 ऑटो नीलाम किए और 160 ऑटों की नीलामी के लिए वह आगे काम कर रहे हैं। वाहनों के फिटनेस की चैकिंग के लिए ऑटोमेटिक इंस्पैक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर पर बनाने पर काम किया जा रहा है, जो 31 मार्च 2024 तक पूरा होने की संभावना है।
आईएसबीटी और अस्पतालों के लिए चल रही सीटीयू बसें
बैठक में रेलवे स्टेशन से आईएसबीटी और अस्पतालों के लिए सीटीयू की शटल बस सेवा शुरु करने का मामला भी उठाया गया, जिस पर बताया गया कि सीटीयू की तरफ से पहले ही रेलवे स्टेशन से आईएसबीटी और अस्पतालों के लिए बस सेवा शुरु की गई है। इनमें एक बस रेलवे स्टेशन से आईएसबीटी-17, जीएमएसएच-16 होते हुए पीजीआई जाती है और अधिकतम 10 मिनट में अंतराल पर ये बसें चल रही हैं। इसी तरह रेलवे स्टेशन से आईएसबीटी-43 के लिए भी बसें चल रही हैं। मोबालिटी प्लान को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई, जिस पर बताया गया कि मंजूरी के लिए केंद्र को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्लान के तहत शहर के अलग-अलग कॉरिडोर पर मेट्रो चलाने की सिफारिश की गई है।
पार्किंग समस्या पर निगम आयुक्त ने रखी अपनी बात
उन्होंने बताया कि व्यावसायिक एरिया में पेड पार्किंगों का काम ठेकेदारों को देने का मामले पर फिलहाल काम किया जा रहा है। सेकटर-35 के रिहायशी इलाकों में पार्किंग पॉलिसी के तहत पायलट प्रोजेक्ट पर काम करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा शहर में पार्किंग जोन बनाने के लिए उन एरिया की पहचान की जा रही है, जहां पर लोगों को पार्किंग सुविधा दी जा सकें, ताकि अनधिकृत स्थानों पर लोग अपने वाहन पार्क न करें। लोग अपनी निजी वाहन छोड़कर शहर में बसों से सफर करना शुरु करें, इस एजेंडे पर निदेशक परिवहन की तरफ से जानकारी दी गई कि विभाग की तरफ से बसों में इंटेलिजेंट पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्रोजेक्ट लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि 23 करोड़ रुपए की लागत से इस प्रोजेक्ट को पूरा किया गया है, जिसमें वर्ल्ड बैंक की तरफ से भी अलग से फंडिंग की गई है। प्रोजेक्ट के तहत बसों में विशेष सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नई इलेक्ट्रिक बसों में भी इस प्रोजेक्ट के तहत ही सुविधाएं प्रदान की गई हैं। प्रोजेक्ट के तहत 438 बसों में ऑटोमेटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम प्रदान किया गया है। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संबंध में बताया कि जल्द ही विभाग की तरफ से 100 इलेक्ट्रिक बसें और हायर की जाएंगी और पुराने डीजल बसों की जगह ही इन बसों को चलाया जाएगा। विभाग लांग रुट के लिए 60 साधारण बसें भी इस साल खरीदने की तैयारी कर रही है। साथ ही विभाग लांग रुट बसें में भी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम लागू करने और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड बनाने के लिए कंसल्टेंट हायर करने की तैयारी कर रहा है। ट्राईसिटी एरिया खरड़, जीरकपुर आदि में स्कूल बसों को अनुमति देने के मामलों में पंजाब सरकार का जवाब आना अभी भी बाकी है। इस मामले को ट्राईसिटी कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक में भी लाया जाएगा।