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Chandigarh News: कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की तैयारी, मसौदा तैयार

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पांच और सात साल से कार्यरत कर्मचारियों को मिल सकती है राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनावों से पहले हरियाणा सरकार कर्मचारियों और कच्चे कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश में है। सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके तहत डीसी रेट पर लगे उन कर्मचारियों को पक्का किया जाना है, जिनका कार्य संतोषजनक है और जो स्वीकृत पद के मुकाबले लगे हुए हैं। अभी सरकार यह तय नहीं कर पाई है कि इस दायरे में पांच साल से कार्यरत कर्मचारियों को लिया जाए या सात साल से काम कर रहे कर्मचारियों को शामिल किया जाए। इसको लेकर हाई लेवल पर मंथन चल रहा है। संभावना है कि जल्द ही सरकार इस मसौदे को तैयार कर कच्चे कर्मचारियों के लिए पक्का करने की पालिसी जारी कर सकती है।
बता दें कि इससे पहले, हरियाणा सरकार पक्के कर्मचारियों और कच्चे कर्मचारियों के संबंंध में सभी विभागाध्यक्षों से पूरी जानकारी हासिल कर चुकी है। मुख्य सचिव ने पिछले माह ही सभी से खाली और भरे हुए पदों को ब्योरा मांगा था। बाकायदा ग्रुप डी और सी के कच्चे कर्मचारियों, जिनमें डीसी रेट, एडहाक, पॉलिसी 2 के तहत लगे अनुबंधित कर्मचारियों का ब्योरा लिया गया है। सरकार की मंशा है कि शुरुआत में डीसी रेट और एडहाॅक पर लगे कर्मचारियों को पक्का करने का मौका दिया जाए। इसके बाद अन्य श्रेणी के कर्मचारियों के बारे में विचार किया जाएगा, क्योंकि हरियाणा में अलग अलग आउटसोर्सिंग पालिसी के तहत अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती हुई है। सीएमओ के एक अधिकारी ने बताया कि मसौदे अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी है। इसके बाद कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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1.08 लाख से अधिक पद हैं खाली
प्रदेश में कुल स्वीकृत 4.50 लाख पदों के मुकाबले लगभग 2.70 लाख नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। अलग-अलग विभागों, निगमों और बोर्डों में 1.08 लाख पद खाली हैं। इनमें ग्रुप डी और सी के सबसे अधिक पद खाली हैं। प्रदेश में अनुबंध के आधार पर लगाए गए 1.25 लाख कर्मचारी तैनात हैं। लगभग 1.05 लाख ठेके के कर्मचारियों को कौशल रोजगार निगम में समायोजित किया गया है। वहीं, अनुबंध के आधार पर काम करने वाले 14 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक भी शिक्षा विभाग में काम कर रहे हैं।
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