चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की तरफ से कई रिमाइंडर जारी करने के बावजूद शहर के 599 स्मॉल फ्लैट आवंटियों ने बकाया राशि जमा नहीं कराई है। इन सभी पर एक-एक लाख रुपये से ज्यादा का किराया बाकी है। सीएचबी अब इनके मकानों को रद्द करने की तैयारी कर रहा है और इनकी आखिरी सूची जारी कर दी है।
बोर्ड ने लोगों को राशि जमा करवाने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया था, बावजूद इसके 66 आवंटियों ने ही अपनी बकाया राशि जमा कराई है। यही कारण है कि सीएचबी ने 599 आवंटियों की आखिरी सूची जारी कर दी है और आने वाले कुछ दिनों में इनके मकानों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बोर्ड ने स्मॉल फ्लैट़्स के आवंटियों से 40 करोड़ रुपये के करीब बकाया राशि की वसूली करनी है।
बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि अभी तक भी 599 आवंटियों ने बकाया राशि जमा नहीं कराई है। इनका एक लाख रुपये से ऊपर बकाया बनता है। उन्होंने बताया कि अगर जल्द किराया जमा नहीं करवाया तो अगले कुछ दिनों में इनके मकानों के आवंटन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बोर्ड ने डिफाल्टरों की सूची को वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है जहां पर आवंटी अपना नाम देख सकते हैं। इन आवंटियों से 8 करोड़ रुपये के करीब वसूलने हैं।
सेक्टर-56 स्मॉल फ्लैट्स के आवंटियों का बकाया सबसे ज्यादा
सीएचबी ने छह कॉलोनियों के आवंटियों की सूची जारी की है। इसमें एक लाख रुपये से ऊपर बकाया राशि वाले सबसे अधिक आवंटी 205 सेक्टर-56 फ्लैट्स से हैं। इनके अलावा सेक्टर-38 वेस्ट में 203, सेक्टर-49 में 146, धनास में 39, इंडस्ट्रियल एरिया में 3 और राम दरबार में भी 3 के करीब आवंटी हैं।