चंडीगढ़। शहर में लगातार युवा नशे खासतौर पर हेरोइन समेत पकड़े जा रहे हैं। कई युवा तस्करी में संलिप्त पाए गए और इसके आदी भी मिले हैं। वहीं, कई झपटमार नशे की लत के लिए वारदातें कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस ऐसे युवाओं को खेलों के साथ जोड़ नशों से दूर करने की सोच रही है। इस दिशा में वीरवार को डीजीपी प्रवीर रंजन ने सभी थाना प्रभारियों के साथ बैठक की।पुलिस मुख्यालय में हुई इस बैठक में सभी थानों के प्रभारियों समेत डीएसपी रैंक के अधिकारी पहुंचे। डीजीपी ने नशे के व्यापार और लत से जुड़े युवाओं को चंडीगढ़ पुलिस द्वार शुरू किए गए कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए उन्हें प्रेरित करने के प्रयास करने को कहा। डीजीपी ने कहा कि ऐसे बच्चों को खेलों से जोड़ने की जरूरत है। विभाग द्वारा करवाए जा रहे विभिन्न कोर्स में उन्हें डाला जा सकता है ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों को उचित कदम उठाने को कहा।
तीन नए कानूनों के बारे में ज्ञान हासिल करने को कहा
डीजीपी ने अधिकारियों को नए कानूनों के तहत जोड़ी गई और हटाई गई धाराओं समेत किए गए महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में बताया और उसका ज्ञान हासिल करने को कहा। खासतौर पर आईपीसी और सीआरपीसी में किए गए बदलावों के बारे में जानने को कहा। बता दें कि भारतीय दंड संहिता (1860), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (1898) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ले ली है। कानून का रूप ले चुके तीनों विधेयक कभी भी चंडीगढ़ में लागू हो सकते हैं। इन्हें लेकर एसएसपी कंवरदीप कौर लगातार पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें कर रही हैं।
लोकसभा चुनावों से पहले बीसी पर होगी कार्रवाई
बैठक में गणतंत्र दिवस की सुरक्षा के मद्देनजर शहरभर में पीजी और सर्वेंट सत्यापन आदि तेजी से करने, शहर भर में जांच अभियान आगे बढ़ाने, संदिग्धों और आपराधिक प्रवृत्ति से जुड़े लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई करने को कहा गया। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव-2024 को लेकर गलत छवि (बीसी) अपराधियों पर सीआरपीसी 110 और सीआरपीसी 107/151 के तहत प्रिवेंटिव एक्शन लेने को कहा है। जानकारी के मुताबिक मई से पहले लोकसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसे लेकर शहर में चंडीगढ़ पुलिस की कड़ी तैयारियां रहेंगी।