ओपीएस के मुद्दे के फिर से आंदोलन को तैयार कर्मचारी
-28 से 30 दिसंबर तक कोलकाता में ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्पलाइज फेडरेशन की जरनल काउंसिल की बैठक लिया जाएगा फैसला
-2024 के चुनावों से पहले फिर से चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में कर्मी, हरियाणा के संगठन भी ठोक रहे ताल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पांच में से तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) का असर नहीं दिखने के चलते कर्मचारियों ने एक बार से इसके लिए आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। 2024 के चुनावों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इस मुद्दे को फिर से खड़ा किया जाएगा। इसके लिए 28 से 30 दिसंबर तक कोलकाता में ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्पलाइज फेडरेशन की जरनल काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। जरनल काउंसिल की बैठक में सभी राज्यों से करीब 600 डेलीगेट्स भाग लेंगे।ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली और आठवें पे कमीशन के गठन से साफ तौर पर मना कर दिया है। यह दोनों मुद्दे और ठेका संविदा कर्मियों की रेगुलराइजेशन, निजीकरण पर रोक, खाली पड़े पदों को भरने, 18 महीने के बकाया डीए-डीआर की बहाली समय की जरूरत है। लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों व पीएसयू में करीब एक करोड़ रिक्त पदों को स्थाई भर्ती से भर बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। वहीं, केन्द्रीय वित्त सचिव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए आठवां वेतन आयोग गठन नहीं करेगी। इससे केन्द्र एवं राज्य कर्मियों और पेंशन को तगड़ा झटका लगा है। तमाम मामलों को लेकर कोलकाता में होने वाली जरनल काउंसिल की बैठक में राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
ये करेंगे बैठक में शिरकत
बैठक को कनफरडेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज एंड वर्कर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुपक सरकार, नेशनल एम्पलाइज पोस्टल यूनियन के जरनल सेकेट्री जनार्दन मजुमदार, बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के जरनल सेकेट्री देबाशीश बसु, बीएसएनएल से जरनल सेकेट्री अभिमन्यु, ईस्टन रेलवे मेन्स यूनियन के असिस्टेंट जरनल सेकेट्री सुशांत कुमार गांगुली आदि संबोधित करेंगे। जरनल काउंसिल के खुले अधिवेशन का उद्घाटन विकास रंजन भट्टाचार्य एमपी करेंगे।