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Chandigarh News: दागी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी, उच्च स्तरीय कमेटी गठित

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चंडीगढ़। सात लाख रुपये की रिश्वत मामले में ऑपरेशन सेल के इंचार्ज और पीसीआर में तैनात कांस्टेबल का नाम आने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। आला अधिकारियों ने एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है, जो चंडीगढ़ के पुलिसकर्मियों व अफसरों की सेवाओं का मूल्यांकन करेगी। लगभग एक महीने के मूल्यांकन के बाद दागी पुलिसकर्मियों की तैनाती और सेवाओं पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो दागी पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जा सकती है। बता दें कि सीबीआई ने बीते 30 जुलाई को भ्रष्टाचार निरोधक कानून एवं आपराधिक साजिश रचने की धारा में एफआईआर दर्ज करते हुए नगर निगम चंडीगढ़ के पूर्व डिप्टी मेयर अनिल दुबे के भाई मनीष दुबे और अनिल कुमार नामक एक कबाड़ी को तीन लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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गठित की गई उच्च स्तरीय कमेटी में आईजीपी राजकुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसएसपी ट्रैफिक मनीषा चौधरी और एसपी क्राइम केतन बंसल शामिल हैं। पुलिस विभाग के कुल 5700 कर्मियों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। पिछले दो महीने में चंडीगढ़ पुलिस के दस कर्मचारी चार आपराधिक मामलों में आरोपी बनाए जा चुके हैं। इनमें से छह पुलिसकर्मी पीओ एवं समन सेल में कार्यरत थे जिन पर अदालती वारंट पर फर्जी दस्तखत करने के आरोप थे। विजिलेंस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, पीसीआर में तैनात कांस्टेबल पवन को हाल ही में रिश्वत कांड में आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस के एक कांस्टेबल को हरियाणा पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी बनाया है। चंडीगढ़ पुलिस के दो कांस्टेबलों पर हरियाणा में शराब तस्करी के आरोप हैं।
कमेटी खासतौर पर उन पुलिसकर्मियों कि सेवाओं का मूल्यांकन करेगी जो भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी हैं। वीरवार से ही इस कमेटी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अपना नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि अब चंडीगढ़ पुलिस में भ्रष्ट गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कमेटी ऐसे पुलिसकर्मियों की सेवाओं का मूल्यांकन करेगी। जिन पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड खराब होगा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग द्वारा पंजाब पुलिस सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन पुलिसकर्मियों को भी सेवा से हटाया जा सकता है जो अपनी सेवाएं देने में अयोग्य हैं।
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50 पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज
सूत्र बताते हैं कि इस कार्रवाई के तहत 50 के लगभग पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। इनमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हवलदार तथा कॉन्स्टेबल रैंक के पुलिसकर्मी शामिल हैं। एक पुलिस अफसर ने कहा कि जो पुलिसकर्मी चंडीगढ़ पुलिस का नाम खराब कर रहे हैं उन्हें नौकरी छोड़ देनी चाहिए और उनकी जगह ईमानदार पुलिसकर्मियों को रखा जाना चाहिए। वहीं जिन दागी पुलिसकर्मियों को 25 साल की सेवा पूरी होने के बाद खुद ही नौकरी छोड़कर नए युवाओं को नौकरी का मौका देना चाहिए।
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