उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है वहीं एक ऐसी जेल जहां एक गर्भवती कैदी बिना गर्म कपड़ों के पल काट रही है। ये हालात चंडीगढ़ की आदर्श जेल कहलाने वाली बुड़ैल जेल के हैं।
एआईजीपी(जेल) बलबीर सिंह द्वारा किए गए जेल के औचक निरीक्षण के बाद जेलों की ये अमानवीय तस्वीर बाहर आई है।
एआईजीपी(जेल) ने 19 जनवरी 2013 को बुड़ैल जेल के औचक निरीक्षण में पाया कि जेल में बंद कैदी ठिठुरने को मजबूर हैं।
175 पुरूष कैदियों के पास ठंड से बचने के लिए स्वेटर तक नहीं जबकि 77 कैदी बिना चप्पलों के ही कड़ाके की सर्दी में रोजमर्रा की जिंदगी गुजार रहे हैं।
महिला कैदी की हालत तो और भी बदतर है। रिपोर्ट के अनुसार जेल में बंद एक गर्भवती महिला कैदी के पास तो गर्म कपड़े भी नहीं हैं।
एआईजीपी की रिपोर्ट को देखने के बाद चीफ जस्टिस संजय किशन कौल पर आधारित पीठ ने गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने जेलों में अमानवीय व्यवहार और मुलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर जेल अधिकारियों समेत संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।