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मीडिया गुरु प्रहलाद कक्कड़ ने बताए ब्रांड हिट करने के सीक्रेट

Sun, 08 Dec 2013 08:32 AM IST
विजय जैन
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'बिजनेस ऑफ बिजनेस इज रिस्क' ये गुरुमंत्र दिया एडी एंड मीडिया गुरु प्रहलाद कक्कड़ ने। ब्रांड गुरु के नाम से मशहूर प्रहलाद कक्कड़ ने उद्यमियों को ब्रांड हिट करने के सीक्रेट बताए।
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उन्होंने बताया कि किसी भी ब्रांड की सफलता के पीछे उसके नाम का बहुत बड़ा योगदान होता है। मीडिया गुरु के मुताबिक पहले समय में अपने परिवार में ही किसी के नाम पर ब्रांड का नाम रख दिया जाता था।

निरमा साबुन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि निरमा फैक्ट्री गुजरात में एक हलवाई वाले ने शुरू की थी।

हलवाई वाले ने अपनी बेटी के नाम पर इसे शुरू किया। उस समय टीवी पर केवल दूरदर्शन चलता था। ब्रांडिंग की बात आई तो हलवाई उद्योगपति ने टीवी पर एक करोड़ का पैकेज दे दिया।
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हलवाई ने रिस्क लिया, आज लाखों रुपए में निरमा की टर्नओवर है और निरमा एक ब्रांड के नाम पर विख्यात है।

पिता के नाम पर है वाडीलाल आइसक्रीम
अहमदाबाद से शुरू हुई आईसक्रीम का नाम पिता के नाम पर वाडीलाल रखा गया। इसे ब्रांड के रूप में हिट करने के लिए पैसे को पानी की तरह बहाया। आज वाडीलाल नेशनल कंपनी बन चुकी है।

मीडिया गुरु ने बताया कि ब्रांड को शुरू कर अगर आप 90 फीसदी जांच कंप्लीट करने हैं तो भी आपको जीरो मिलेगा और आप 5 फीसदी जांच कंप्लीट करेंगे तो भी आप ब्रांड को कामयाब नहीं कर सकते। अतः किसी भी ब्रांड को कामयाब करने के लिए रिस्क लेना बहुत जरूरी है।्र

90% एमबीए इज 'नौकर'
आधुनिक जमाने के पेरेंट्स की सोच पर मीडिया गुरु ने कड़े कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी एमबीए कर चुके युवा आज नौकर बने हुए हैं। नौकर से उनका अभिप्रायः दूसरी फर्मों में नौकरी करना बताया।

उनके मुताबिक यही इंडस्ट्री पिछड़ने की सबसे बड़ी वजह है। मध्यम वर्गीय उद्यमी अपने बेटों को विदेश में पढ़ने को भेजते हैं। कोई अमेरिका जाता है तो कोई ऑस्ट्रेलिया।

जब बाहर से स्टडी कंप्लीट करने के बाद युवा घर लौटते हैं तो उनकी सोच ये होती है कि 'मैं हॉवर्ड से इसलिए पढ़ा हूं कि अपने पिता के बिजनेस को देखूं' यानि अपने फैमिली बिजनेस को कोई नहीं संभालना चाहता।

यही वजह है कि ऐसे में कई बड़ी कंपनियां बंद हो चुकी हैं, जो कभी नंबर एक पर हुआ करती थी। आज की सबसे बड़ी जरूरत है कि बेटों को अपने साथ बिजनेस में लगाओ। युवा शक्ति के हाथ में बिजनेस होगा तो समय के अनुसार बदलाव भी आएंगे।

सफलता चाहिए तो बदलाव जरूरी
प्रह्लाद कक्कड़ ने बताया कि अगर किसी ब्रांड को सफल बनाना है तो बदलते समय के मुताबिक निरंतर उसमें बदलाव करना जरूरी होगा। एरिक्सन कंपनी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 15 साल पहले ये कंपनी नंबर एक पर होती थी। आज ये खत्म हो चुकी है। एचएमटी, क्रैक्स क्रीम, ब्लैकबेरी जैसे कई ब्रांड या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने के कगार पर हैं।

दबंग फिल्म का 'झंडू बाम' सीक्रेट
प्रह्लाद कक्कड़ ने बताया कि अरबाज खान निर्देशित फिल्म दबंग के मुख्य आइटम गीत 'मुन्नी बदनाम हुई...' में एक जगह पर झंडू बाम शब्द का प्रयोग हुआ था।

उस सीन को मलयका अरोड़ा पर फिल्माया गया था, जब गीत के बोल में झंडू बाम शब्द आता है तो उस समय मलयका ने जो अदा दिखाई, उस पर झंडू बाम बनाने वाली कंपनी के मालिक को ऐतराज हो गया।

तुरंत वकील के माध्यम से उन्होंने इस बारे में ऐतराज जता दिया कि हमारी 200 साल पुरानी कंपनी है। हम अपनी कंपनी का नाम आपके गीत में प्रयोग नहीं करने देंगे।

अरबाज खान बहुत परेशान हो गए। फिल्म रिलीजिंग पर उन्हें संकट नजर आने लगा। गीत सुपरहिट हो चुका था। मौके की नजाकत को समझते हुए प्रहलाद कक्कड़ ने झंडू कंपनी के मालिक को एक एडवाइस दी कि क्यों न हम फिल्म के माध्यम से हम अपनी ब्रांडिंग कर लें।

मालिक ने पहले 20 सैकंड सोचा और अनुमति दे दी। झंडू बाम प्रेजेंट.......फिल्म दबंग। फायदा ये हुआ कि केवल एक करोड़ रुपये ब्राडिंग के लिए दिया, जिससे कि कंपनी की कुल सेल 36 प्रतिशत बढ़ गई यानि रिस्क लिया और कामयाबी।

ऐसे होने चाहिए ब्रांड के नाम
ब्रांड गुरु के मुताबिक ब्रांड सफल करना है तो उनके नाम दो तरह से रखे जा सकते हैं। अगर तो परिवार से किसी के नाम पर रखना है तो आपको पानी की तरह पैसे बहाना होगा, उसकी ब्राडिंग के लिए। नहीं तो आप ब्रांड का ऐसा नाम रखें, जिसे सुनते ही ग्राहक एक तो हैरान हो जाए।

अपने मुंबई में खोले रेस्टोरेंट का उदाहरण देते हुए ब्रांड गुरु ने बताया कि उसने अपने रेस्टोरेंट का नाम पैनचो पंजाबी ढाबा रखा है। शुरू में रेस्टोरेंट का बोर्ड देखकर सभी एकबारगी तो रुक कर उसे देखते थे।

पुलिस प्रशासन की ओर से कुछ दिक्कतें भी आई, लेकिन उन्होंने सब जगह मैनेज किया। आज मुंबई में उनका रेस्टोरेंट एक ब्रांड के रूप में विख्यात है। अतः वक्त के साथ बदलाव और रिस्क फैक्टर ही ब्रांड की कामयाबी के मुख्य मंत्र हैं।
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