भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राम लाल को पद से हटाए जाने के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने ट्वीट करके पार्टी हाईकमान की खिंचाई की और अपना दर्द जाहिर किया। रामलाल को हटाए जाने का गहरा असर उत्तर भारत में पार्टी की राजनीति पर होने जा रहा है। राम लाल के स्थान पर बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर बैठाया गया है और 2006 से इस पर कार्य कर रहे रामलाल को वापस आरएसएस में बुला लिया गया है।
इस फेरबदल से भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में उथल पुथल होने लगी है। इसका गहरा असर खासकर पंजाब पर होने जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने सबसे पहले मोर्चा खोला है। प्रभात ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके अपना दर्द बयां किया है, जिसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रभात झा ने ट्वीट करके कहा कि किसी के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि कल यह आपके साथ भी हो सकता है। अच्छा संगठक वही होता है जो हर व्यक्ति को काम में जुटा ले।
दूसरे ट्वीट में झा ने कहा कि जिम्मेदारी का मतलब ‘मैं ही हूं’ का भाव नहीं होना चाहिए। झा के इन दोनों ट्वीट को एक तरह से हाईकमान को चुनौती व रामलाल की हिमायत के रूप में देखा जा रहा है। झा ने इन दोनों ट्वीट में अमित शाह के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी शिवराज सिंह चौहान को भी टैग किया है।
प्रभात झा ने ट्वीट करके कहा कि दूसरों को हार्दिक कष्ट देने वालों को जब खुद हार्दिक कष्ट होता है, तभी उसे अपनी गलती समझ में आती है। ‘अपने काम पर विश्वास रखें’ वे लोग सदैव असफल होते हैं, जो खुद भी काम नहीं करते और किसी को करने नहीं देते। ‘जाही विधि राखे राम, ताहि विधि रहिए’ के भाव को समझकर अपना कार्य करना चाहिए।
पंजाब प्रभारी प्रभात झा द्वारा हाईकमान को सोशल मीडिया पर खुली चुनौती देने से पंजाब भाजपा के तमाम नेताओं ने चुप्पी साध ली है। वह खुलकर कुछ भी बोलने से कतराने लगे हैं। प्रभात झा की पंजाब में अपनी पूरी टीम है और हाईकमान के साथ गणित गड़बड़ाता देखकर झा की टीम भी चुपचाप पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है।
दरअसल, भाजपा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के पद पर रामलाल को 2006 में बैठाया गया था। रामलाल ने जमीनी स्तर पर संघ का नेटवर्क मजबूत किया और भाजपा व आरएसएस के बीच काफी अच्छा तालमेल बनाया। इसका नतीजा यह हुआ कि 2014 व 2019 में भाजपा की केंद्र में ऐतिहासिक जीत हुई। अचानक उनको पद से हटाने से भाजपा में जबरदस्त चर्चा चल रही है।