चंडीगढ़। बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने मंगलवार को रैली कर राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया। यह रैली बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के आह्वान पर हुई। बिजली कर्मचारियों ने सेक्टर-17 स्थित विभाग के डिवीजन नंबर एक और इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक स्थित विभाग के डिवीजन नंबर दो के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान घोषणा की गई कि यदि मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग का निजीकरण नहीं रोका गया तो आठ सितंबर को कलम छोड़ और औजार छोड़ हड़ताल की जाएगी।
रोष प्रदर्शन को यूटी पावरमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी, कार्यकारी प्रधान ध्यान सिंह, अमरीक सिंह, दर्शन सिंह, पान सिंह, दलेर सिंह, गुरमीत सिंह, सुखविंदर सिंह, कश्मीर सिंह, मंगल सिंह, रजिंदर कुमार, टेक राज, तिलक राज, रेशम सिंह, फेडरेशन के वरिष्ठ उप-प्रधान राजिंदर कटोच और भीमसेन ने बिजली अमेंडमेंट बिल 2020 का विरोध करने व बिजली एक्ट 2003 के सभी प्रावधान चंडीगढ़ में लागू होने का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन से अपील की कि जब तक बिजली अमेंडमेंट बिल 2020 संसद में पास नहीं हो जाता, तब तक निजीकरण का प्रस्ताव रद्द किया जाए।
गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि 3 जुलाई 2020 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली मंत्रियों की मीटिंग हुई थी। इसमें 11 राज्यों व 2 केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र सरकार की ओर से तैयार बिजली अमेंडमेंट 2020 का सीधे तौर पर विरोध जताने के बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की ओर से संशोधित ड्राफ्ट तैयार कर संबंधित स्टाक होल्डरों से दोबारा सुझाव लेने की बात की गई थी, लेकिन सवा महीने से भी अधिक समय बीतने के बाद भी संशोधित ड्राफ्ट पेश नहीं किया गया।