मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद निकाय विभाग की ओर से आदेश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले नगर निगम के मेयर, नगर परिषद और नगर पालिका के प्रधानों को अफसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) लिखने की शक्तियां दे दी हैं। इससे इनकी शक्तियां बढ़ गई हैं। हालांकि इस बारे में पिछले दिनों हुई एक बैठक में सीएम मनोहर लाल ने सैंद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। अब इस बारे में निकाय विभाग ने लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। इसके मुताबिक नगर निगम के ईओ, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर की एसीआर मेयर व निगम कमिश्नर लिखेंगे। उसकी समीक्षा निकाय विभाग के निदेशक करेंगे। वहीं, नगर परिषद के ईओ व एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की एसीआर परिषद के अध्यक्ष व जिला नगर आयुक्त लिखेंगे। इसकी समीक्षा निकाय विभाग के निदेशक करेंगे। नगर पालिका के सेक्रेटरी व एमओ की एसीआर कमिश्नर व अध्यक्ष ही लिखेंगे। इनकी एसीआर की समीक्षा भी निकाय विभाग के निदेशक करेंगे। उल्लेखनीय है कि मेयर व नगर परिषद के अध्यक्ष कई सालों से अधिकारियों की एसीआर लिखने की मांग करते आ रहे थे। उनकी इस मांग को हरियाणा सरकार ने मंजूर कर दिए थे। बुधवार को इसके लिखित आदेश जारी कर दिए गए।